जंतर-मंतर पर शनिवार को उस समय उत्साह का माहौल देखने को मिला, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद प्रदर्शनकारियों ने इसे अपनी पहली बड़ी जीत बताते हुए जश्न मनाया। प्रदर्शनकारियों ने आंखों में आंसू लिए धरनास्थल पर तिरंगा लहराया, देशभक्ति गीतों पर युवाओं ने नृत्य किया और वंदे मातरम् व भारत माता की जय के नारों से पूरी लुटियंस दिल्ली की सड़क गूंज उठी। सीजेपी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में शामिल छात्र और समर्थक एक-दूसरे को गले लगाकर खुशी जाहिर करते नजर आए। अगर इस दृश्य को महसूस किया जाए तो रोंगटे खड़े करने जैसा रहा।
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जंतर मंतर जश्न मनाते प्रदर्शनकारी
- फोटो : जी पाल
यह इस्तीफा लोकतांत्रिक आंदोलन की ताकत का प्रतीक
इस दौरान मंच पर बज रहे देशभक्ति गीत चक दे! इंडिया की धुन पर युवाओं ने जमकर नृत्य किया। कई प्रदर्शनकारी हाथों में तिरंगा और डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र व पोस्टर लिए हुए थे। इसी बीच सभा को संबोधित करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यह इस्तीफा लोकतांत्रिक आंदोलन की ताकत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कहा जाता था कि यह सरकार इस्तीफा नहीं देती, लेकिन लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे बड़ी होती है। उनके संबोधन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने तालियों और नारों से उनका स्वागत किया।
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जश्न मनाते बच्चे
- फोटो : जी पाल
युवा उत्साह के साथ थिरकते दिखाई दिए
मंच से लगातार देशभक्ति गीत बजते रहे, जिन पर युवा उत्साह के साथ थिरकते दिखाई दिए। ढोल की थाप, तालियों की गड़गड़ाहट और नारों के बीच पूरा जंतर-मंतर उत्सव जैसा दिखाई दे रहा था। कई प्रदर्शनकारी अपने मोबाइल फोन से इस पल को रिकॉर्ड करते रहे, वहीं कुछ ने सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण भी किया। खुशी के इस माहौल के बीच अनुशासन भी देखने को मिला। स्वयंसेवक लगातार भीड़ को व्यवस्थित रखने में जुटे रहे और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते रहे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी बड़ी संख्या में तैनात रहा, हालांकि जश्न के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
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जश्न मनाते प्रदर्शनकारी
- फोटो : PTI
पूरे इलाके में उत्साह, उम्मीद और जीत की दिखी लहर
दिनभर प्रदर्शन स्थल पर आने वाले लोगों की भीड़ बनी रही। कई लोग केवल इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह उनके लंबे संघर्ष की पहली बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, मंच से बार-बार यह संदेश भी दिया गया कि आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है और बाकी मांगों को लेकर आगे की रणनीति जल्द घोषित की जाएगी। शनिवार को जंतर-मंतर का नजारा सामान्य विरोध-प्रदर्शन से अलग दिखाई दिया। जहां पिछले दिनों धरना, भाषण और विरोध की आवाजें सुनाई देती थीं, वहीं इस दिन पूरे इलाके में उत्साह, उम्मीद और जीत का एहसास साफ महसूस किया जा सकता था।
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जश्न मनाते प्रदर्शनकारी
- फोटो : PTI
सुरक्षा के दिखे पुख्ता इंतजाम
धरनास्थल पर पूरे दिन सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। पुलिस और सुरक्षा बलों की निगरानी के बीच प्रदर्शन शांतिपूर्वक चलता रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पहली मांग पूरी होने के बाद उनका हौसला और बढ़ा है और बाकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। जंतर-मंतर पर शनिवार का माहौल विरोध से अधिक लोकतांत्रिक जीत के उत्सव जैसा दिखाई दिया। तिरंगे, देशभक्ति गीतों और नारों के बीच प्रदर्शनकारियों ने इसे अपने संघर्ष का पहला पड़ाव बताया, जबकि उनका कहना है कि अंतिम लक्ष्य अभी बाकी है।