दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कैलाश हिल में 22 वर्षीय छात्रा की हत्या ने एक ऐसे उजले भविष्य को अचानक थाम दिया, जिसमें पढ़ाई की असाधारण मेधा, शास्त्रीय नृत्य की संवेदना और आईएएस बनने का सपना एक साथ आकार ले रहे थे। छात्रा पढ़ाई में बेहद होनहार थी। उसने आरकेपुरम स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल से 12वीं की पढ़ाई की और इसके बाद आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग पूरी की। फिलहाल में वह यूपीएससी की तैयारी कर रही थी और परिवार के मुताबिक वह अपने पहले ही प्रयास में सफलता को लेकर आश्वस्त थी।
आईआरएस अधिकारी पिता का सपना था कि वह आईएएस बने। परिवार में शिक्षा और पेशेवर उपलब्धियों का माहौल रहा है, जहां मां एक बड़े अस्पताल में डॉक्टर हैं, वहीं बड़ा भाई मुंबई की एक मल्टीनेशनल कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत है।
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आईआरएस अधिकारी की बेटी का हैवानियत के बाद कत्ल, सीसीटीवी में कैद हुआ आरोपी
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पढ़ाई के साथ-साथ छात्रा की रुचि शास्त्रीय नृत्य में भी थी। उसने इस क्षेत्र में कई पुरस्कार हासिल किए थे। पड़ोसियों के अनुसार, वह बेहद अनुशासित, शांत स्वभाव की थी। उसका ज्यादातर समय पढ़ाई में ही बीतता था और अनावश्यक गतिविधियों और सोशल मीडिया से वह दूर रहती थी।
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आईआरएस अधिकारी की बेटी का हैवानियत के बाद कत्ल, जांच के लिए पहुंची पुलिस
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स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्रा को आदर्श के रूप में देखा जाता था। कई अभिभावक अपने बच्चों को उसका उदाहरण देकर प्रेरित करते थे। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और किसी से बात करने की स्थिति में नहीं है। क्षेत्र में भी शोक का माहौल है।
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आईआरएस अधिकारी की बेटी का हैवानियत के बाद कत्ल, जांच के लिए पहुंचे अधिकारी
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स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना न सिर्फ एक होनहार छात्रा की मौत है, बल्कि उस सपने का अंत भी है, जिसे उसका परिवार और आसपास के लोग मिलकर देख रहे थे। स्थानीय निवासी रेनू वर्मा ने कहा कि वह अक्सर पीड़िता को क्लास से लौटते हुए देखती थीं, वह बिना किसी दिखावे के ही दूसरों के लिए एक प्रेरणा थी। उसमें एक अलग ही चमक थी, एक ऐसा आत्मविश्वास था कि वह जीवन में कुछ बहुत बड़ा जरूर करेगी।
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आरोपी राहुल आस्था कुंज पार्क नेहरू प्लेस से कॉलोनी के अंदर घुसा था यही से वारदात के बाद फरार हुआ
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घर के अंदर की जानकारी बन रही अपराध की बड़ी वजह
राजधानी में हाल के दिनों में सामने आई वारदातों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या अब घर के भीतर मौजूद लोग ही सबसे बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। जिन घरेलू सहायकों, ड्राइवरों और स्टाफ पर लोग सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं, वहीं कई मामलों में अपराध की साजिश रचते या उसे अंजाम देते पाए जा रहे हैं।