देश की राजधानी दिल्ली में दर्दनाक हादसा हुआ। समयपुर बादली इलाके के संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में मंगलवार शाम एमटीएनएल केबल की मरम्मत करने सीवर में उतरे तीन लोगों समेत चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। लगभग पूरी रात चले रेस्क्यू ऑपरेशन में दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीम ने 9 घंटे बाद सभी के शव सीवर से बाहर निकाले। चारों की सीवर में मौजूद जहरीली गैस की चपेट में आकर दम घुटने से मौत हो गई थी। मरने वालों में केबल की मरम्मत करवाने वाला कांट्रेक्टर सूरज कुमार सहानी (55), उसके दो सहयोगी बच्चू सिंह (54), पिंटू राउत (30) और जांबाज ई-रिक्शा चालक सतीश कुमार (40) है।
सुबह मिली पिंटू की मौत की खबर, परिवार का रोते-रोते बुरा हाल
मूलरूप से झारखंड का रहने वाला पिंटू राउत पिछले काफी समय से ठेकेदार सूरज कुमर सहानी के पास काम करता था। इसके परिवार में पत्नी सुलेखा, बेटा अंकित (12), बेटी काजल कुमारी (9) और बूढ़ी मां हैं।
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मृतक पिंटू का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इसका परिवार झारखंड में रहता है। पिंटू तिलक नगर के गोपाल नगर में अपने गांव के कई अन्य लड़कों के साथ रहता था। पिंटू के भांजे सिलोंधर कुमार ने बताया कि वह बुराड़ी के नत्थूपुरा में रहता है। दिल्ली में रहकर वह पढ़ाई कर रहा था। बुधवार सुबह उठकर उसने अखबार पढ़ा तो उसे हादसे का पता चला। लेकिन उसे यह पता नहीं था कि हादसे में उसके ही मौसी की मौत हुई है।
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Four dead in sewer
- फोटो : अमर उजाला
बाद में उसके पास कॉल आया और हादसे का पता चला। दूसरी ओर पिंटू साथ रहने वाले संजय कुमार ने बताया कि अक्सर काम के सिलसिले में पिंटू रात-रातभर नहीं होता था। रात को जब वह वापस नहीं आया तो उनको लगा कि काम आ गया होगा। लेकिन सुबह उन्होंने ठेकेदार के बेटे को कॉल किया तो हादसे का पता चला।
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Four dead in sewer
- फोटो : अमर उजाला
संजय ने बताया कि परिवार को मौत की खबर मिली तो उनका रोते-रोते बुरा हाल है। कुछ लोगों ने पिंटू का शव झारखंड ले जाने में उनकी मदद की। इसके बाद दिल्ली में मौजूद परिजन शव एंबुलेंस झारखंड के लिए रवाना हो गए।
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मृतक बच्चू सिंह का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बेहद मेहनती थे चाचा बच्चू सिंह
बच्चू सिंह भी एमटीएनएल के प्राइवेट ठेकेदार सूरज कुमार सहानी के पास पिछले काफी समय से काम कर रहे थे। बच्चू ने विवाह नहीं किया था। वह अपने छोटे भाई के परिवार के साथ उत्तम नगर के भगवती विहार में रहते थे। बच्चू के भतीजे धर्मवीर ने बताया कि उसके चाचा बेहद मेहनती थे। कभी-कभार काम ज्यादा होने पर वह रात को घर भी नहीं आते थे।