दिल्ली के पश्चिम विहार में मामूली सी बात पर हुए रोड रेज के मामले में दो घरों के चिरागों अपनी जान गंवानी पड़ी। इनमें से एक रोहित का बचपन का सपना एक माह पहले ही पूरा हुआ था। रोहित के सपनों को अभी तो पंख लगने शुरू हुए थे, वह बड़े अरमानों से खाकी वर्दी सिलाकर लाया था। अगले महीने ही उसकी बहन की शादी होने वाली है, जिसकी तैयारियां वो पूरे उत्साह से कर रहा था। पढ़िए ऐसी ही कई बातें रोहित के बारे में जो बताती हैं कि गुस्से में एक शख्स दूसरे की जान जरूर ले लेता है लेकिन मरने वाले का परिवार हमेशा के लिए उस दर्द से गुजरता है....
दिल्ली रोड रेज ः बहन की शादी की तैयारियों में लगा था रोहित, एक माह पहले ही बना था सिविल डिफेंस वॉलंटियर
एक माह पहले ही सिविल डिफेंस वॉलंटियर बना था रोहित
रोहित के परिवार वालों ने बताया कि वह बचपन से ही दिल्ली पुलिस में भर्ती होना चाहता था। लेकिन उसका एक ख्वाब जरूर पूरा हो गया कि उसने खाकी वर्दी पहन ली। उसके रिश्तेदार परमेश कुमार ने बताया, रोहित पिछले महीने ही सिविल डिफेंस वॉलंटियर के तौर पर भर्ती हुआ था। उसने अपनी खाकी वर्दी को बड़े ही शौक से खरीदा था। इन दिनों वह चंदर विहार में ड्यूटी कर रहा था।
साथ ही वह अपने पिता चरणजीत अग्रवाल की नांगलोई की भूत वाली गली में बर्तन की दुकान पर भी काम करता था। परमेश ने बताया कि रोहित का परिवार करीब 25 साल से नांगलोई में रह रहा है। इससे पहले वह पीरागढ़ी में रहते थे। उसकी बहन शिवानी बीटेक इंजीनियरिंग कर रही है। अगले महीने 27 अप्रैल को उसकी शादी होने वाली है और इसकी पूरी तैयारी कर ली गई थी। यहां तक कि कार्ड भी छप गए हैं। रोहित लगातार अपनी बहन की शादी की तैयारी में लगा था। रोहित के जाने के बाद पूरे घर में मातम छा गया। रात में जब उसकी मां को घटना की जानकारी मिली तो वह बेहोश होकर गिर गई। जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लगी और उसे भी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। परिवार ही नहीं रोहित के घर से आस पास मातम छाया हुआ है और सब गमगीन हैं।
रात 11 बजे रोहित की मां से हुई थी बातचीत
जांच में पता चला कि सोमवार रात रोहित ज्वालापुरी स्थित एक शादी समारोह में गया था। वहीं माता-पिता भी एक अन्य शादी समारोह में शामिल होने गए थे। रात करीब 11 बजे रोहित की मां ने उसे फोन किया था। रोहित ने उनसे कहा था कि वह खाना खाने के बाद यहां से निकलने वाला है। मगर देर रात तक वह घर नहीं लौटा। इसके बाद उसका फोन बजता रहा। करीब तीन बजे के आस-पास उसका फोन एक पुलिस वाले ने उठाया। पुलिसकर्मी ने परिजनों को अस्पताल आने के लिए कहा तब जाकर उन्हें वारदात का पता चला।
आखिर चाकू लेकर क्यों चल रहे थे आरोपी
पुलिस ने आरोपियों के पकडने के बाद उनसे पूछताछ की, लेकिन पुलिस के पास इसका कोई जवाब नहीं है कि दोनों ने आरोपी किस मकसद से चाकू लेकर घुम रहे थे। पुलिस का कहना है कि उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।