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पीजी का मतलब पैसा घर: पास कमरा तो ज्यादा किराया, यहां बस सुरक्षा की न पूछो यार; छात्रों की मजबूरी का बाजार

Mon, 07 Sep 2026 03:20 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: Sharukh Khan Updated Mon, 07 Sep 2026 03:20 PM IST
सार

सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली के उन सैकड़ों पीजी और किराये के कमरों की निगरानी पर सवाल खड़ा कर दिया है, जहां छात्रों से हर महीने हजारों रुपये लिए जा रहे हैं। क्या इन इमारतों की नियमित जांच होती है? क्या संरचनात्मक मजबूती का रिकॉर्ड देखा जाता है?

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Delhi PG Crisis High Rents Low Safety Students Pay Up to ₹30000 for a Bed Satya Niketan Building Collapse
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में पढ़ाई के लिए आने वाले छात्रों के लिए कॉलेज-कैंपस के आसपास पीजी अब जरूरत से ज्यादा कमाई का कारोबार बनते जा रहे हैं। हॉस्टलों में सीटें सीमित हैं, जबकि बाहर से आने वाले छात्रों की संख्या लगातार बड़ी है। ऐसे में छात्रों के पास पीजी या किराए के कमरे का सहारा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। 


इसी मजबूरी का फायदा उठाकर संचालक एक बेड के लिए 12 से 20 हजार रुपये तक किराया वसूल रहे हैं। सुविधाएं बढ़ीं तो किराया 25 से 30 हजार रुपये तक पहुंच जाता है। लेकिन इतने महंगे किराए के बदले सुरक्षित छत मिलेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं। 
Delhi PG Crisis High Rents Low Safety Students Pay Up to ₹30000 for a Bed Satya Niketan Building Collapse
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में पीजी का कारोबार शायद इसी फार्मूले पर चल रहा है-पैसा पूरा दो, सुविधाओं की सूची देखो, लेकिन सुरक्षा की न पूछो यार। मलबे में छात्रों के दबे होने की आशंका और हादसे के दौरान कुछ लोगों के फोन से मदद मांगने की जानकारी ने चिंता बढ़ाई है। सवाल यह है कि जिस पीजी में रहने के लिए छात्र हर महीने हजारों रुपये दे रहे हैं, वहां उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
Delhi PG Crisis High Rents Low Safety Students Pay Up to ₹30000 for a Bed Satya Niketan Building Collapse
दिल्ली में पांच मंजिला इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
नॉर्थ कैंपस से मुखर्जी नगर और करोल बाग तक छात्रों की इसी मजबूरी पर पीजी का बाजार फल-फूल रहा है। एक कमरे में दो-तीन बेड लगाकर हर छात्र से अलग किराया लिया जाता है। 
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Delhi PG Crisis High Rents Low Safety Students Pay Up to ₹30000 for a Bed Satya Niketan Building Collapse
दिल्ली में पांच मंजिला इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
नॉन-एसी कमरे में एक बेड का किराया 10 से 15 हजार और एसी कमरे में 15 से 20 हजार रुपये तक है। जिम, वाई-फाई, साइबर कैफे, इंडोर गेम और सिक्योरिटी गार्ड जैसी सुविधाओं के नाम पर किराया 20 हजार से ऊपर भी पहुंच जाता है।
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Delhi PG Crisis High Rents Low Safety Students Pay Up to ₹30000 for a Bed Satya Niketan Building Collapse
दिल्ली में पांच मंजिला इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
यानी किराया कमरे का नहीं, बेड का है। सुविधाओं की सूची लंबी है, लेकिन सुरक्षा की सूची कहां है? भवन की संरचनात्मक मजबूती, फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास, बिजली के तार और एक कमरे में रहने वाले छात्रों की संख्या जैसे सवाल अक्सर पीजी के चमकदार विज्ञापनों के पीछे छिप जाते हैं।
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