ऐसा लगता है कि लोगों को भूलने की बीमारी और लापरवाही की आदत लग गई है। यदि ऐसा ना होता तो जिस कोरोना त्रासदी के चलते लंबे समय तक देशभर में लॉकडाउन रहा और इंसान को अपने घरों में ही कैद होना पड़ा था, ऐसे वक्त को लोग इतनी आसानी से नहीं भूल जाते। शायद बिना मास्क लगाए बेफिक्र घूम रहे ज्यादातर लोगों को इस बात का एहसास नहीं है कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है और उनकी लापरवाही सब पर कितना भारी पड़ सकती है।
कोरोना का खतरा बरकरार : राजधानी में फिर भी नियम हो रहे हैं तार-तार
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बिना मास्क वालों का चालान भी रैंडम जांच भी
स्थान : पालिक बाजार, कनॉट प्लेस
समय : दोपहर 12.00 बजे
पालिका बाजार के गेट नंबर सात के सामने रविवार को भी भीड़ थी। सामने ही मेट्रो स्टेशन की सढ़ियों पर लोग बैठे एक दूसरे से बातचीत कर रहे थे। किसी को सामाजिक दूरी के पालन की परवाह नहीं थी। जो लोग एक दूसरे को जानते थे वह भी और जो लोग एक-दूसरे से अंजान थे, सभी सटकर बैठे थे। कनॉट प्लेस की इनर सर्कल में चारों तरफ लोग जिस अंदाज में बैठते हैं। रविवार को भी लगभग इसी तरह से यहां की सीढ़ियों, पत्थर की कुर्सियों पर लोग बैठे थे।
बड़ी संख्या में लोग बिना मास्क के बैठे गप्पे मार रहे थे। नई दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) की टीम लोगों की तलाश कर रही थी, जो लोग बिना मास्क के घूम रहे थे। एनडीएमसी के कर्मियों ने बताया कि वह बिना मास्क लोगों का चालान कर रहे हैं और साथ ही उनके साथ मौजूद चरक पालिक की टीम लोगों की रैडम कोरोना जांच कर रही थी। बातचीत से पता चला बिना मास्क घूमने वालों में महिलाएं सर्वाधिक हैं। मौके पर कई लोगों के जांच के सेंपल लिये जा रहे थे। एनडीएमसी की टीम जांच करने के बाद लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबर ले रही थी।
यात्रियों के अलावा टैक्सी, रिक्शा चालकों व कुलियों के भी मास्क नदारद
स्थान : नई दिल्ली रोलवे स्टेशन
समय : दोपहर 12.30 बजे
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने बैठे अधिकतर लोगों के चेहरे पर मास्क नहीं था। कोई सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर रहा था। लगभग यही हाल स्टेशन के अंदर भी था। रेलवे स्टेशन के अंदर स्केलेटरों और सीढ़ियों पर लोग बेपरवाह एक दूसरे से सटे आ-जा रहे थे। प्लेटफार्म पर लगी कुर्सियों पर भी लोग एक दूसरे के सटकर बैठे नजर आए। इनमें से अधिकतर लोगों ने ठीक तरह से मास्क भी नहीं लगाया था। जिन्होंने मास्क लगाया था, उनका मास्क नाक व मुंह की बजाय गले में लटका था।
कुलियों ने भी मास्क नहीं लगाया था। यहां देखा कि लोग मास्क की बजाय गमछे से काम चला रहे हैं। यदि किसी ने उन्हें टोक दिया तो वह मुंह में गमछा लपेट लेते हैं, वर्ना किसी को कोई परवाह नहीं। स्टेशन के बाहर ऑटो, कैब के चालकों और रिक्शा वालों का भी यही हाल था। ज्यादातर लोगों ने या तो गमछा लपेटा हुआ था या फिर उनका मास्क गले में लटका था। लोगों ने ऐसा करने के पीछ अपनी समस्या भी बताई, कहा गर्मी के मौजम में हमेशा मास्क लगाने में उनको दिक्कत हो रही है।
बस ड्राइवर और कंडक्टर भी मास्क के नाम पर रखते हैं गमछा
स्थान : आनंद विहार बस अड्डा
समय : शाम 04.15 मिनट
आनंद विहार बस अड्डे पर ड्राइवर और कंडक्टर ही बिना मास्क के नजर आए। सबके कंधे पर मास्क की जगह पर गमछा लटक रहा था। उनका मन किया तो गमछा मुंह में बांध लिया, नहीं मन किया तो उन्हें टोकने वाला कोई नहीं है। ड्राइवरों ने बताया कि वह मुंह में गमछा बांधते हैं। लेकिन अधिकतर ने मुंह में बांधने की बजाय गले में ही गमछे को लटका रखा था। यात्रियों की भी ऐसी ही हालत थी। कोई भी सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर रहा था। यहां तो बिना मास्क घूमने वालों की संख्या सबसे अधिक थी।
जिन लोगों ने मुंह में मास्क लगाया भी था, उनका मास्क ठीक तरीके से नहीं लगा था। यहां पर पुलिस भी मूक दर्शक दिखाई दी। बातचीत के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने कहा कि किसी को कोई परवाह ही नहीं है। एक दो को समझाया जा सकता है लेकिन सबको समझाना मुश्किल है। यहां ऐसे ही होता है, लोग आते-जाते रहते हैं। बसों के अंदर बैठे ज्यादातर यात्रियों ने सही तरीके से मास्क नहीं पहन रखा था।
बाजार में महिलाओं और बच्चों की खचाखच भीड़
स्थान : लाजपत नगर बाजार
समय : शाम 03.45 बजे
लाजपत नगर बाजार में रविवार को इस कदर भीड़ थी, मानो पूरी दिल्ली खरीदारी करने यहीं आ गई है। महिलाओं के साथ यहां पर बच्चों की भी भारी तादाद थी। लेकिन अधिकतर लोगों के चेहरे पर मास्क नहीं था। लोगों को भीड़भाड़ में आने-जाने से कोई परवाह नहीं थी। लोगों ने कहा कि यहां पर एसी स्थिति पूरे सप्ताह होती है। शनिवार और रविवार को भीड़ कुछ ज्यादा हो जाती है। यहां के दुकानदारों ने भी अब मास्क लगाना बंद कर दिया है। यहां पर रिक्शा और ऑटो चालक बिना मास्क के नजर आए।
ड्यूटी पर तैनात पुलिस वाले भी बिना मास्क के घूमते दिखे। कई पुलिस वालों के मास्क नाक की बजाय उनके गले में लगा हुआ था। महिलाएं बिना मास्क के ही ऑटो में बैठती और उतरती दिखीं। जब लोगों ने खुद ही मास्क नहीं लगाया है तो उन्हें किसी के मास्क नहीं लगाने पर ऐतराज भी नहीं है। लाजपत नगर बाजार के अंदर यह बात पर साफ तौर पर नजर आई।