सांसद रामस्वरूप की मौत : सांसद की 100 सेकेंड की कॉल में छिपा है मौत का राज, पत्नी से हुई थी आखिरी बात
पत्नी से शुरूआती पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस का कहना है कि सांसद ने उनसे घरेलू बात की थी। सांसद ने व्हाट्सएप व मैसेज पर भी किसी से बात नहीं की है। उन्होंने व्हाट्सएप भी 15 मार्च को आखिरी बार चलाया था। नार्थ एवेन्यू थाना पुलिस ने उनके मोबाइल को जब्त लिया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद उनका शव परिजनों को दे दिया था। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने भी सांसद द्वारा खुदकुशी करने की ओर इशारा किया है। परिजन देर रात को शव को लेकर मंडी, हिमाचल के लिए रवाना हो गए थे।
नई दिल्ली जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनकी पत्नी चंपा शर्मा ने पुलिस को बताया कि रामस्वरूप शर्मा ने उनसे घरेलू बात की थीं। उन्होंने धार्मिक यात्रा से कब वापस लौटने, दवाइयां ली या नहीं व खाना खाया या नहीं आदि मुद़्दों को लेकर बात की थी। उनकी पत्नी का कहना है कि सांसद ने उन्हें किसी बात को लेकर परेशान होने आदि को लेकर कुछ नहीं बताया था। पुलिस पत्नी से फिर पूछताछ करेगी। उनकी पत्नी कुछ रिश्तेदारों के साथ धार्मिक यात्रा पर निकली हुई थीं।
वह वृदावन, द्वारकाधीश व पुष्कर होते हुए वह जयपुर पहुंची थीं। जब वह जयपुर में तब सांसद ने उनसे बात की थी। इससे पहले सांसद के मोबाइल पर कुछ लोगों के फोन आए थे। इससे पहले 8.23 बजे, 8.05 बजे और सात बजे आंसू की कॉल आई थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सांसद रामस्वरूप शर्मा ने रात को दाल व रोटी बनवाई थी। उन्होंने आराम से खाना खाया था। इसके बाद वह दवाई लेकर रात करीब साढ़े नौ बजे सोने चले गए थे। वह ज्यादा मंडी में ही रहते थे। दिल्ली वह सोमवार को आए थे।
दिल्ली में उनके साथ पीए सुनील भारद्वाज व उनका कुक लल्लन उर्फ लालू साथ रहते थे। सुनील व लल्लन ने पुलिस को बताया कि रात को व एक-दो दिन से सांसद महोदय किसी तरह के तनाव में नहीं लग रहे थे। वह थोड़े से चावल व दाल खाते थे। वह अक्सर कहते थे कि अब बुढ़ापा आ गया है। उनका कुछ समय पहले हार्ट का ऑपरेशन हुआ था। उनको शुगर व ब्लड प्रेशर था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पिछले एक महीने से उनका वजन भी कम हो रहा था।