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ग्रेनो हादसाः निकाले गए 9 शव, आरोपियों पर लगेगा रासुका, सीएम ने की कार्रवाई

Thu, 19 Jul 2018 12:12 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Thu, 19 Jul 2018 12:12 PM IST
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two building collapsed in greater noida: 9 bodies recovered rescue operation continue all updates
- फोटो : अमर उजाला

ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित शाहबेरी गांव में हुए दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। नौवें शव की पहचान नौशाद अहमद के रूप में हुई। इस मामले में पुलिस ने गैर इरादतन कत्ल व अन्य धाराओं में 24 लोगों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज की है।

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पुलिस ने मामले में निर्माणाधीन बिल्डिंग के भूस्वामी गंगाशरण दूबे और तीन ब्रोकर समेत कुल 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पांचवें गिरफ्तार सदस्य का नाम कासिम है उसे बृहस्पतिवार सुबह गिरफ्तार किया गया है। हादसे के 36 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी पुलिस मुख्यारोपी कॉलोनाइजर को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जानकारी मिल रही है कि अभी यहां चल रहा राहत और बचाव कार्य आने वाले तीन चार दिन तक चल सकता है। 35 से अधिक लोगों की मलबे में दबे होने की आशंक जताई जा रही है।
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शाहबेरी गांव में मंगलवार रात हुए हादसे के बाद से एनडीआरएफ, पुलिस, फायरबिग्रेड और अन्य संगठनों के लोग राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं। मंगलवार देर रात अधिकांश टीमें मलबे में दबे लोगों को ढूंढने और उन्हें निकालने का प्रयास कर रहीं थीं। मंगलवार रात एक महिला व एक पुरुष के दो शव बाहर निकाले गए थे।
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बुधवार सुबह राहत और बचाव कार्य में तेजी आई। दोपहर दो बजे तक दो और शव और मलबे से निकाले गए। इससे निकाले गए शवों की संख्या चार पहुंच गई। वहीं, पुलिस ने इस मामले में अपनी ओर से घटिया सामग्री लगाकर निर्माण करने आदि के आरोप में 7 सीएलए एक्ट, गैर इरादतन हत्या व अन्य धाराओं में 24 को नामजद करते हुए कॉलोनाइजर व अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

एनडीआरएफ डीजी और पुलिस एडीजी पहुंचे

two building collapsed in greater noida: 9 bodies recovered rescue operation continue all updates

पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देकर निर्माणाधीन बिल्डिंग के दस्तावेजी भूस्वामी गंगाशंकर द्विवेदी, ब्रोकर दिनेश और संजीव को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि गंगा शंकर द्विवेदी का कहना है कि उसने गाजियाबाद निवासी कॉलोनाइजर पंकज गोयल व मनीष गोयल को अपनी भूमि बेच दी थी।

इनके खिलाफ दर्ज की गई रिपोर्ट
एसएसआई राजेंद्र कुमार ने पंकज गोयल, मनीष गोयल निवासी नेहरू नगर गाजियाबाद, एलिन गुप्ता पुत्री पंकज गुप्ता निवासी दिल्ली, गंगाशंकर द्विवेदी निवासी संजय नगर गाजियाबाद, शेष गौतमबुद्ध नगर निवासी कांट्रेक्टर सरदार, आर्किटेक्ट सत्यप्रकाश, डॉ. सलीम, सलमुद्दीन, कांट्रेक्टर कासिम व सहयोगी बिल्डर साथी, नितिन त्यागी, कैलाश त्यागी, प्रशांत शर्मा, बिल्डर मान, चेतन त्यागी, सोनू पाठक, हाजी तुरकान, हरेंद्र नागर, मोमीन, नजमू, मुतंजर हुसैन, अनीस खान, अतुल त्यागी आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

एनडीआरएफ डीजी और पुलिस एडीजी पहुंचे
हादसे की सूचना पर एनडीआरएफ के डीजी संजय कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत और बचाव कार्य का जायता लेकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। डीजी संजय कुमार ने कहा हमारे पास विश्वस्तरीय टीम और उपकरण हैं। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। जल्द मलबे में दबे अन्य लोगों को भी निकाल लिया जाएगा। एडीजी मेरठ मंडल प्रशांत कुमार ने कहा कि एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख की सहायता का एलान

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गौतमबुद्धनगर के दादरी स्थित शाहबेरी गांव में निर्माणाधीन भवन के गिरने से हुई मौतों पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा के परियोजना प्रबंधक वीपी सिंह और सहायक परियोजना प्रबंधन अख्तर अब्बास जैदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।

दोनों के खिलाफ यह कार्रवाई प्रवर्तन कार्य में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में की गई है। साथ ही अवैध निर्माण कराने वाले व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने इस घटना में मारे गए लोगों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना में अगर किसी मजदूर की मौत हुई है तो उसे भी यह सहायता अनुमन्य सहायता राशि के अतिरिक्त उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने घटना पर नाराजगी जताते हुए पूरे प्रकरण की जांच मेरठ के मंडलायुक्त को करने के  निर्देश दिए हैं। उन्होंने मंडलायुक्त को यह भी निर्देश दिए हैं कि घटना के दोषी अवैध निर्माणकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराके उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त को प्रकरण की जांच के साथ ही यह भी पता लगाने को कहा है कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कितने अवैध निर्माण कराए गए हैं या हो रहे हैं। साथ ही अवैध निर्माणों पर प्रभावी अंकुश लगाने केसंबंध में सख्ती से कार्रवाई कराने को भी कहा गया है।

उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं इस घटना से सबक लेते हुए प्रदेश में अवैध निर्माण कराने वाले व्यक्तियों को चिह्नित करने के लिए अभियान चलाया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

संकरी गलियां और भीड़ बनी बचाव कार्य में मुसीबत

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शाहबेरी गांव में गिरी छह और सात मंजिला इमारत में बचाव कार्य धीमी गति से चल रहा है। इसका कारण गांव की सकरी गलियां और भीड़ है। सकरी गलियों के कारण बचाव दल के वाहन नहीं पहुंच पा रहे है।

साथ ही घटना स्थल पर लोगों का तांता लगा है। मेला देखने जाने की तरह सड़क पर लाइन लगी है। बचाव कार्य की गति धीमी होने पर परिजनों के साथ लोगों में भी काफी रोष है।

शाहबेरी गांव में जहां पर इमारत गिरी है, वह जगह गांव की मुख्य सड़क से दो किलोमीटर अंदर जाकर है। मुख्य सड़क से गांव में उतरने के साथ ही जो सड़क आती है, बेहद बेकार है। उबड़-खाबड़ है। सीवर व नालियों का पानी नहीं निकलने के कारण रास्ते में कई जगह कीचड़ है। यह सड़क कई जगह से सकरी है।

जबकि, जिस जगह पर इमारत गिरी है, उसके आसपास की सभी सड़के काफी सकरी है। वहां पर वाहन पहुंचना आसान नहीं है। कई जगह बेसमेंट की खुदाई की गयी है। इस कारण बड़े वाहनों को वहां तक ले जाना मुश्किल हो रहा है।

जेसीबी से ही मलबे को हटाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं भीड़ भी बचाव कार्य में बड़ी बाधा बनी है। बचाव कार्य के चारों तरफ बड़ी संख्या में हर समय लोग जमा रहते है। जो शव मिलने की सूचना पर तुरंत ओर नजदीक पहुंच जाते है।

घटना स्थल के आसपास बनी इमारतों पर भी भीड़ चढ़ी रहती है। यहीं नहीं, घटना स्थल के आसपास की सड़कों का नजारा कुछ इस तरह दिखाता है, जैसे किसी मेले को देखने लोग जा रहे है। पुलिस-प्रशासन भीड़ को नियंत्रित करने में नामकाम साबित हो रहे है। बचाव कार्य धीमा होने के कारण बुधवार को लोगों ने कई बार हंगामा भी किया।

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