निरंकारी बाबा हरदेव सिंह महाराज को बुधवार को उनके लाखों श्रद्धालुओं ने भक्तिपूर्ण अंतिम विदाई दी। निगम बोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार सीएनजी शवदाह गृह में किया गया। इस दौरान संत निरंकारी मिशन की गुरु घोषित की गई उनकी पत्नी सविंदर कौर, उनके परिवार के अन्य सदस्य व रिश्तेदार और वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री शहनवाज हुसैन व दिल्ली विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता भी उपस्थित थे।
2 of 9
बाबा हरदेव सिंह की अंतिम यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
बाबा हरदेव सिंह महाराज और उनके दामाद अवनीत की अंतिम यात्रा बुराड़ी मैदान से फूल माला लगी दो अलग-अलग गाड़ियों में कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह नौ बजे निकली। करीब दोपहर एक बजे निगम बोध घाट पहुंचीं। गाड़ियों के आगे बाबा व दामाद के बड़े-बड़े फोटो लगे हुए थे। सबसे पहले बाबा का पार्थिव शरीर गाड़ी से उतारा गया। उनके रिश्तेदार और अनुयायी द्वारा पार्थिव शरीर को सीधे सीएनजी शवदाह गृह में ले जाया गया।
3 of 9
बाबा हरदेव सिंह की अंतिम यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान वहां मौजूद उनके अनुयायी नम आंखों से विभिन्न जयघोष करने लगे। कुछ देर बाद बाबा के दामाद अवनीत का पार्थिव शरीर गाड़ी से उतार कर शवदाह गृह के अंदर ले जाया गया। बाबा और उनके दामाद का अंतिम संस्कार संत निरंकारी मिशन की परंपरा के अनुसार किया गया। अंतिम संस्कार करने की प्रक्रिया पूरी करने में करीब एक घंटा लगा। इस दौरान उनके परिजनों के अलावा अन्य लोगों को शवदाह गृह में जाने की इजाजत नहीं थी।
4 of 9
बाबा हरदेव सिंह की अंतिम यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
घाट पर फूलमाला लगाकर बाबा को दी श्रद्धांजलि- निरंकारी बाबा को निगम बोध घाट स्थित सीएनजी शवदाह गृह पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए उस पर फूलमालाएं लगा रखी थीं। इसी तरह गृह के दरवाजे और उसके बाहर भी फूल मालाएं लगाई हुई थी। जमीन पर गुलाब के फूल बिछा रखे थे। इसी तरह घाट के सीएनजी शवदाय गृह की ओर गेट पर भी फूलमाला रखी थी।
5 of 9
बाबा हरदेव सिंह की अंतिम यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
घाट पर 10 बजे ही पहुंचने लगे थे अनुयायी - निरंकारी बाबा और उनके दामाद का अंतिम संस्कार करने के मद्देनजर निगम बोध घाट पर देशभर से आए उनके अनुयायी सुबह 10 बजे से ही पहुंचने शुरू हो गए थे। दोपहर 12 बजे तक घाट के चारों ओर बड़ी संख्या में जमा हो गए थे। उधर, घाट के अंदर और बाहर व्यवस्था संभालने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ संत निरंकारी मिशन के सुरक्षा विभाग के कर्मी बड़ी संख्या में मौजूद थे।