खोड़ा पुलिस ने 12 अगस्त को हुई किशोर की हत्या का खुलासा कर दिया है। शुक्रवार को पुलिस ने नामजद आरोपियों में से एक आरोपी दोस्त को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने 100 रुपये कीमत की डिजिटल वॉच के लिए 14 वर्षीय किशोर की दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या की थी।
2 of 5
विलाप करते हुए परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पकड़ा गया आरोपी अरबाज (20) निवासी आजाद विहार खोड़ा कालोनी है। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि पुलिस ने हिंडन नहर किनारे से उसे गिरफ्तार किया। 12 अगस्त को अरबाज, सनी पुत्र राजू और तीन-चार बच्चे साथ खेल रहे थे। सनी ने हाथ में एक डिजिटल वॉच बांधी हुई थी, जिसे अरबाज ने छीन लिया था।
3 of 5
पुलिस के सामने विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद वह भाग गया था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह सनी की घड़ी देने के लिए वापस उसके घर गया था। जहां उसकी घर में लड़ाई हो गई। उसने गुस्से में सनी की बहन के दुपट्टे से ही गले में फंदा लगाकर फर्श पर घुमा दिया था। दम घुटने से उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद उसने शव को कमरे की चौखट पर दुपट्टे के साथ ही लटका दिया था, ताकि लोगों को लगे कि सनी ने आत्महत्या की है। एसएसपी का कहना है कि बाकी दो नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
4 of 5
murder
- फोटो : अमर उजाला
‘घड़ी की लगा दूंगी झड़ी, मुझे मेरा लाल वापस लादो’: खोड़ा की आजाद विहार कॉलोनी में हुई सातवीं कक्षा के छात्र सनी की मौत के बाद मां का रो-रोकर हाल बेहाल था। घड़ी के विवाद को लेकर रोते हुए सनी की मां बोलती रही, घड़ी की झड़ी लगा दूंगी, मुझे मेरा लाल वापस ला दो। सनी के भाई ने बताया कि दो दिन पहले ही सनी ने कालोनी की ही एक दुकान से सौ रुपये में घड़ी खरीदी थी। इससे वह बहुत खुश था। उसी घड़ी को लेकर रविवार को विवाद हुआ।
5 of 5
घटना स्थल पर जमा भीड़ और पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मृतक बच्चे के पिता राजू ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा सनी गांव में अपनी दादी के पास ही रहता था। करीब 15 दिन पहले ही गांव से खोड़ा आया था। दो दिन पहले ही कालोनी के राहुल पब्लिक स्कूल में सातवीं कक्षा में उसका एडमिशन कराया था। कक्षा के टॉप-10 छात्रों में वह शामिल था। उसकी पढ़ाई की लगन को देखते हुए उसे यहां लेकर आए, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि यहां आकर उनके कलेजे का टुकड़ा हमेशा के लिए दूर चला जाएगा। वरना वह उसे गांव में ही रहने देते। मां सीमा और बहन लक्ष्मी भी रो-रोकर बेहोश हो रही थी।