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इस पारंपरिक मेले में सजे हैं हरियाणा जेल के कैदियों के बनाये ये आधुनिक ड्रेस

Tue, 07 Feb 2017 03:59 PM IST
सुषमा पाठक/अमर उजाला,फरीदाबाद
सुषमा पाठक/अमर उजाला,फरीदाबाद Updated Tue, 07 Feb 2017 03:59 PM IST
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surajkund mela : Here are the special garment lost 200 years ago
models in reja febric - फोटो : अमर उजाला
दो सौ साल पहले गुम हो चुकी ड्योटी और चोसी फेब्रिक से बने स्टाइलिश परिधानों के शौकीन हैं तो फरीदाबाद में लगे अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में चले आइये। हरियाणा  की एक जेल में सजा काट रहे कैदियों द्वारा तैयार ट्रेंडी ड्रेस को खरीदारी के लिए रखा गया है। इन मॉडल्स ने पहनी अपने फैशन  शो ये हॉट ड्रेस।  दिखने में खादी सरीखे इस फेब्रिक को फिर से परंपरा में लाने के लिए सूरजकुंड मेले में खासकर युवाओं के लिए एक स्टॉल लगा है। क्षेत्रीय तौर पर आम बोलचाल की भाषा में इसे 'रेजा' फेब्रिक भी कहते हैं। 
surajkund mela : Here are the special garment lost 200 years ago
reja febric - फोटो : अमर उजाला
सूरजकुंड मेले में रेजा के स्टॉल पर स्कूल कॉलेज के छात्रों की खूब उमड़ रही है. स्टाइल के साथ सादगी दर्शाते रेजा से तैयार कपड़े पहन मैनिक्वीन को डिसप्ले पर लगाया गया है। कॉलेज गोइंग लड़कियों के लिए शॉर्ट स्कर्ट, डांगरी और गाउन हैं. वहीं, फुल वियरिंग पसंद करने वालों के लिए ट्रेंडी ब्लाउज़ स्टाइल हाफ टॉप और घाघरा भी रेजा से तैयार किया गया है जिसे पहनकर आप भीड़ में अलग दिख सकती हैं। 
surajkund mela : Here are the special garment lost 200 years ago
तैयार मॉर्डन स्कर्ट दिखातीं ललिता। - फोटो : अमर उजाला
इस स्टॉल को हरियाणा में रोहतक के गांव बोहर से आईं ललिता ने लगाया है। रेजा के बारे में ललिता बताती हैं कि लड़कियों के लिए कुछ खास डिजाइनर लिबास बनाए गए हैं जिसे कॉलेज पार्टी या फैमिली पार्टी में पहना जा सकता है। इनकी खासियत ये है कि ये लिबास गर्मी में ठंडा और सर्दी में बॉडी को गरम रखते हैं। चूंकि, यह फेब्रिक पहनने पर खादी सा लुक देता है, इसलिए इसे ज्यादातर जेएनयू और डीयू के स्टूडेंट्स खरीद रहे हैं। इसी पसंद और ऑर्डर को देखते हुए दिल्ली के हरियाणा इंपोरियम से टाईअप की बात चल रही है। इस महीने के अंत तक रेजा के आधुनिक परिधान रोहतक ही नहीं दिल्ली में भी आसानी से उपलब्‍ध हो सकेंगे।  
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surajkund mela : Here are the special garment lost 200 years ago
स्टॉल पर चरखा काततीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
पहली बार रोहतक जेल में शुरू किया
ललिता बताती हैं कि 'रेजा' फेब्रिक को तैयार कर इससे आज के युवाओं के पसंद के कपड़े तैयार करने का काम पहली बार रोहतक जेल में वहां के कैदियों से शुरू कराया गया। इस पुरानी विद्या के प्रति संजीदगी दिखातीं ललिता कहती हैं कि इस कपड़े को केवल पहचान दिलाने के लिए दोबारा से इस क्षेत्र में रिसर्च की जा रही है जिसमें सूत, धागा, रंग और इसका बाजारीकरण शामिल है।  
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surajkund mela : Here are the special garment lost 200 years ago
स्टॉल पर स्टाइलिश परिधानों को देखतीं युवतियां।
सिने स्टारों को भी भा रहा रेजा
इस फेब्रिक को पसंद करने में सबसे आगे सेलिब्रिटीज हैं। बकौल ललिता, हाल ही में सिने स्टार पायल रोहतगी और संग्राम के लिए रेजा के आधुनिक लिबास डिजाइन किये हैं। इसके अलावा मॉडल शो और ट्रेडिशनल शो में भी इस फेब्रिक को स्थान दिया गया। पायल रोहतगी ने बॉडी टेंपरेचर के अनुसार तैयार परिधानों के लिए अपने ट्वीटर एकाउंट और फेसबुक के जरिए ललिता को धन्यवाद भी दिया है। 

 
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