महाब में कथित गोकशी को लेकर हुए बवाल में सुमित की सोमवार को मौत हो गई थी। सुमित की मौत के बाद से परिजनों ने अन्न त्याग दिया है। मृतक के पिता ने कहा है कि जब तक मांगे नहीं मानी जाएंगी। अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। किसी भी पुलिस प्रशासनिक अधिकारी ने उनका हालचाल नहीं जाना है। अधिकारियों को उनके अन्न त्यागने के बारे में जानकारी तक नहीं है।
बुलंदशहर बवाल: चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठा सुमित का परिवार
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ग्राम प्रधान अजय कुमार और अन्य ग्रामीणों ने भी मुख्यमंत्री से सभी मांगों को पूरा करने की मांग की है। मृतक के पिता अमरजीत सिंह ने कहा कि वह, उनकी पत्नी गीता देवी, बहन अंजू, बबली, मीनू, मंजू और एक भाई ने अन्न नहीं खाया है। उन्होंने कहा अन्न त्यागे हुए तीन दिन हो गए हैं और तब तक अन्न ग्रहण नहीं करेंगे, जब तक सभी मांगों को नहीं माना जाएगा। आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने भी अभी तक कोई सुध नहीं ली है।
सुमित के पिता अमरजीत सिंह ने कहा कि बेटे की मौत के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था और चार घंटे तक हवालात में बंद रखा। चार घंटे बाद हवालात से निकाला। परिवार और रिश्तेदारों के साथ भी पुलिस ने अभद्रता की।
मानवाधिकार आयोग का खटखटाएंगे दरवाजा
पिता ने कहा कि पुलिस प्रशासन और सरकार से न्याय नहीं मिला तो मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाएंगे। क्योंकि अभी तक की स्थिति में न्याय की उम्मीद कम ही लग रही है।
पूर्व मंत्री ने की निष्पक्ष जांच की मांग
पूर्व मंत्री किरनपाल सिंह मृतक सुमित के घर पहुंचे और पिता को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमराई हुई है। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अभी तक ऐसा नहीं लग रहा है कि निष्पक्ष जांच हो रही है। सरकार से मांग की है कि मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपये, सरकारी नौकरी और माता-पिता को पेंशन दी जाए। इस दौरान पूर्व मंत्री डा. राजीव लोधी, गंभीर सिंह आदि मौजूद रहे।