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अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले मे बंदरों पर लगाम लगाने के लिए बुलाए गए लंगूर
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sat, 28 Jan 2017 02:48 PM IST
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31वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने मेला परिसर में डेरा डाल दिया है। मेला परिसर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। मेले में मुख्य अतिथि एवं अन्य लोगों को घुमाने के लिए बैट्री चलित इको फ्रेंडली गाड़ियों का इंतजाम किया गया है।
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31वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला हर बार से इस बार कुछ अलग दिखाई देगा, क्योंकि हरियाणा की स्वर्ण जयंती की झलक भी इस बार दिखेगी। चारों ओर रंग बिरंगी झालरें, दीवारों और रास्तों में तरह-तरह की अल्पनाएं, ग्राम्य शिल्प एवं नृत्य-संगीत से संबंधित बनाए गए चित्र खूब लुभा रहे हैं। चौपाल एवं नाट्यशाला को फाइनल टच दिया जा रहा है। शुक्रवार को फोटोग्राफर गौरव चौधरी ने मेले की तैयारियों को कैमरे में कैद किया।
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छह जोन में बंटा मेला परिसर: इस बार सूरजकुंड मेले को छह अलग-अलग जोनों में बांटा गया है। पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखकर ऐसा किया गया है। इसके साथ ही मेले में आने वाले दर्शकों को टिकट के साथ इस बार मैप भी दिया जाएगा। इस बार मेला परिसर 18 एकड़ तक बढ़ा है। पहले जोन में 154 हट्स बनाई गई हैं। दूसरे जोन में 199, तीसरे जोन में 172, चौथे जोन में 128, पांचवे जोन में 171 और छठे जोन में 145 हट्स तैयार की गईं हैं।
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दिखेंगी विभिन्न राज्यों की संस्कृति: सूरजकुंड में बनाए जा रहे लगभग आधा दर्जन मंचों पर शास्त्रीय एवं लोक नृत्य संगीत की धूम दिखेगी। पॉप गीत-संगीत एवं वेस्टर्न डांस पर झूमने वाली नई पीढ़ी को लोक वाद्ययंत्रों पर थिरकाया जाएगा। इन मंचों पर देश की सांस्कृतिक विविधता व विरासत दिखेगी। विश्व प्रसिद्ध लोकनृत्यों कत्थक, कुचिपुड़ी, लाउणीं, बीहू, जुमूर डांस, गरबा, छाऊ, चारकुला, मयूर नृत्य, बरसाना होली, डांडिया, कालबेलिया, संभलपुरी एवं कठपुतली नृत्य पेश किए जाएंगे। मेजबान राज्य हरियाणा का मशहूर नृत्य बंचारी तो होगा ही, जिसके नगाड़े की आवाज पर बड़े-बड़े वेस्टर्न डांस करने वाले भी थिरकने से खुद को रोक नहीं पाते। प्राचीन सभ्यता से जुड़ा सिद्धिगोमा नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।
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मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन: सूरजकुंड मेले का उद्घाटन कभी प्रधानमंत्री किया करते थे तो कभी राष्ट्रपति ने भी इस मेले का उद्घाटन किया, लेकिन पिछले वर्ष की तरह इस बार भी मुख्यमंत्री मनोहरलाल ही इस मेले का उद्घाटन करेंगे। एक फरवरी को मेले का आगाज होने जा रहा है और एक फरवरी को ही आम बजट पेश होने जा रहा है। ऐसे में इस बार भी उद्घाटन समारोह में केंद्र सरकार का कोई बड़ा चेहरा नहीं दिखेगा। दो दिन पहले तक केंद्रीय पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा के उद्घाटन समारोह में आने की बात कही जा रही थी, लेकिन उनके आने का कार्यक्रम अब टल गया है। समापन समारोह में हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी मौजूद रहेंगे।