श्रद्धा हत्याकांड मामले में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला (28) ने पॉलीग्राफी टेस्ट के पहले सत्र में सभी सवालों के सही जवाब दिए। ऐसा कोई सवाल नहीं था कि जिसका उसने जवाब नहीं दिया। दूसरी तरफ आफताब को बुखार होने से बुधवार को पॉलीग्राफी टेस्ट का मुख्य सत्र नहीं हो पाया। वहीं, पुलिस इस मामले में लापरवाही बरत रही है। रोहिणी स्थित एफएसएल के कर्मचारी बुधवार को दिनभर इंतजार करते रहे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने आफताब के बीमार होने की जानकारी नहीं दी।
Shraddha Murder Case: पॉलीग्राफी टेस्ट से पहले आफताब को चढ़ा बुखार, पुलिस बोली- वो मेडिकली फिट नहीं
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुखार के कारण मेडिकल तौर पर फिट नहीं होने से आफताब का बुधवार को पॉलीग्राफी टेस्ट रद्द करने का फैसला किया गया। ऐसे में मुख्य सत्र बृहस्पतिवार को होगा। पॉलीग्राफी टेस्ट के जानकारों का कहना है कि अगर इसमें आरोपी झूठ बोलता है तो नार्को किया जाता है। हालांकि, आफताब के नार्को टेस्ट की अभी तक तारीख तय नहीं की गई है।
किस सत्र में क्या होता है?
पहला सत्र
पॉलीग्राफी टेस्ट के विशेषज्ञों ने बताया कि टेस्ट के तीन सत्र होते हैं पहला, मुख्य व पोस्ट सत्र। आफताब का पहला सत्र हो गया है। आरोपी को मंगलवार दोपहर को एफएसएल ले लाया गया। रात करीब 10 बजे उसे बाहर लाया गया। पहले सत्र में आरोपी का परिचय लिया गया। साथ ही, केस से संबंधित पुलिस अफसरों से बात की गई। प्रयोगशाला के कर्मियों व पुलिस अफसरों के सवाल इसमें शामिल किए गए।
मुख्य सत्र
इसमें आरोपी का परीक्षण किया जाता है और पुलिस सवाल पूछती है। साथ ही, एफएसएल के फोरेंसिक वैज्ञानिक सवाल पूछते हैं। अगर आरोपी गलत जवाब देता है तो मशीन उस झूठ को पकड़ लेती है। इसके बाद फोरेंसिक वैज्ञानिक झूठ बोलने पर प्रश्नावली तैयार करते हैं।
पोस्ट सत्र
आरोपी से उसके दिए गए झूठे जवाबों के आधार पर तैयार की गई प्रश्नावली से सवाल पूछे जाते हैं। अगर आरोपी सवालों के जवाब सही देता है तो उसे मशीन रिकॉर्ड कर लेती है। अगर आरोपी झूठ बोलता है तो उसे मशीन बता देती है। इसके बाद इसके ईदगिर्द सवाल तैयार किए जाते हैं। झूठे जवाबों के आधार पर सवाल तैयार किए जाते हैं।