2000 करोड़ रुपये का फ्रॉड करने वाली कंपनी के वेब पोर्टल एड्सबुक डॉट कॉम का प्रचार करने वाले बॉलीवुड सितारों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं।
2000 करोड़ का फ्रॉड करने वाली कंपनी से शाहरुख-नवाज का संबंध बन सकता है मुसीबत
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ऑनलाइन विज्ञापन के लिंक लाइक कराकर लोगों से ठगी करने वाली वेबवर्क कंपनी के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार सहित सात पक्षों से जवाब मांगा है। कंपनी के खिलाफ नोएडा के थाना सेक्टर-20 में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले गाजियाबाद निवासी अमित किशोर जैन ने मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने हाईकोर्ट से गुहार लगाई है कि केस की जांच सीबीआई या विशेष जांच टीम (एसआईटी) को ट्रांसफर कर दी जाए।
याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सीबीआई, मिनिस्ट्री ऑफ कारपोरेट अफेयर्स की विंग सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन यूनिट (एसएफआईयू), सेबी और क्लिक का गोरखधंधा करने वाली कंपनी वेबवर्क ट्रेड व एड्सबुक से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को होगी। इससे पहले सभी पक्षों को हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करना है। मालूम हो कि अमित जैन ने वेबवर्क व एड्सबुक कंपनी के मालिकों मेरठ निवासी अनुराग गर्ग और मुजफ्फरनगर निवासी संदेश वर्मा के खिलाफ 12 फरवरी 2017 को थाना सेक्टर-20 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए नोएडा पुलिस ने 17 फरवरी को दोनों मालिकों को गिरफ्तार कर लिया था।
राज्य सरकार से जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी: वेबवर्क के खिलाफ फिलहाल नोएडा पुलिस जांच कर रही है। मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जांच की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि प्रगति रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय हो पाएगा कि पुलिस इस मामले में आगे की जांच करने में सक्षम है या नहीं। ज्ञात हो कि शिकायतकर्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर करने से पहले भी मामले की जांच एसआईटी या सीबीआई को ट्रांसफर करने के लिए शासन स्तर के अधिकारियों को पत्र लिख चुका है।
2000 करोड़ रुपये का है फ्रॉड: अमित ने हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में वेबवर्क कंपनी द्वारा 2000 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। जबकि नोएडा पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ के आधार पर 40 हजार लोगों से 260 करोड़ रुपये की ठगी करने का खुलासा किया था। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में जमा और इनके ऑफिस से बरामद डिमांड ड्राफ्ट के जरिये कुल 50 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम जब्त की है। पुलिस को दी शिकायत में अमित ने कंपनी द्वारा 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करने का आरोप लगाया था।