सनातन संस्था की प्रवक्ता कृतिका खत्री ने बताया कि हरियाली तीज श्रावण के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। आज सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए निर्जला (बिना पानी पीए) व्रत रखती हैं। साथ ही कुंआरी कन्याएं अच्छे पति की कामना से व्रत और पूजा करती हैं।
हरियाली तीज आज, जानिए क्या है महत्व, पूजन विधि और शुभ मुहूर्त
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भगवान शिवजी और माता पार्वती की पूजा करती हैं । इसके बाद महिलाएं तीज के गीत गाती हैं और सावन के झूले झूलती हैं। कहते हैं कि माता पार्वती भगवान शिव से विवाह करना चाहती थीं। विवाह करने के लिए माता ने बहुत ही कठोर तपस्या की थी।
उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव हरियाली तीज के दिन यानी श्रावण मास शुक्ल पक्ष की तीज को मां पार्वती के सामने प्रकट हुए और उनसे शादी करने का वरदान दिया था
हरियाली तीज का शुभ मुहूर्त
हरियाली तीज के दिन ही भोले शंकर माता पार्वती के साथ अपने ससुराल आए थे। आपको बता दें कि इस बार हरियाली तीज का त्योहार 3 बजकर 31 मिनट से रात को 10 बजकर 21 मिनट तक है। इस दौरान भगवान शिव की पूजा की जा सकती है।
हरियाली तीज के दिन करें यह उपाय
शाम के समय घर के आस-पास में किसी पीपल के पेड़ के पास जाएं और वहां पर सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
दीपक जलाकर शिव जी का ध्यान एवं उनके मंत्रों का जप करें।
किसी गरीब व्यक्ति को कुछ दान में दें या फिर उसे भोजन कराएं।