डायल-100 पर ही रिपोर्ट दर्ज करने का दावा करने वाली गाजियाबाद पुलिस की पोल एक रेप पीड़िता ने खोलकर रख दी है। महिला का आरोप है कि वह पिछले 10 दिनों से चौकी, थाने, सीओ सिटी ऑफिस और एसएसपी ऑफिस के चक्कर काट रही थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इससे परेशान होकर युवती ने ऐसा कदम उठा लिया कि पुलिस के हाथ पांव फूल गए।
बृहस्पतिवार को पीड़िता एसएसपी ऑफिस पहुंची और पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश करने लगी, जिसे देख पुलिसकर्मियों ने उसे रोका। मामला एसएसपी के संज्ञान में पहुंचा तो 10 दिन बाद विजय नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई।
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Rape, Gangrape, Acid Attack
साहिबाबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता का पति साउदी अरब की एक कंपनी में अकाउंटेंट है। उसका कहना है कि उसने 10 महीने पहले विजयनगर क्षेत्र में नईम निवासी मिर्जापुर विजयनगर से 16 लाख रुपये में 70 गज का प्लाट खरीदा था। आरोप है कि पूरी रकम देने के बाद भी आरोपी नईम उससे पांच लाख रुपये की ओर मांग कर रहा था। 14 मई को महिला मिर्जापुर में एक प्लाट को देखने के लिए गई थी, जहां से रात करीब नौ बजे वापस घर लौट रही थी।
वह एनएच-24 पर ऑटो का इंतजार कर रही थी, इसी दौरान एक कार आई और उसमें सवार अज्ञात युवक ने उसे धक्का देकर कार में अगवा कर बैठा लिया। पीड़िता का कहना है कि कार में नईम बैठा था, जिसने उसके दुपट्टे से उसके हाथ पैर बांधकर कार में बंधक बना लिया। महिला का आरोप है कि नईम ने हाईवे पर ही उससे दुष्कर्म किया और उसे डासना मसूरी के पास फेंककर फरार हो गए। कार में तीन युवक सवार थे।
महिला का कहना है कि पहले वह डासना चौकी गई, जहां से उसे विजयनगर थाने भेज दिया गया। इसके बाद थाने में एक दिन तक उससे ही पुलिस ने पूछताछ की ओर अगले दिन आने की बात कहकर भेज दिया। महिला इसके बाद से लगातार थाने, सीओ सिटी और एसएसपी ऑफिस के चक्कर काट रही थी, लेकिन इसके बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो रही थी।