इस मानसून में बेशक पूरे देश में औसत से ज्यादा बारिश हुई है, लेकिन दिल्ली में औसत के करीब भी नहीं पहुंच सका। मानसून के दौरान दिल्ली कभी भी पूरी तरह से तर- बतर नहीं हो सकी। मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि इस साल जून से सितंबर के बीच बारिश सामान्य से 38 फीसदी कम हुई है। जबकि सितंबर में यह गिरावट 41 फीसदी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली में अभी मानसून सक्रिय है। इसी हफ्ते इसके यहां से विदा होने की उम्मीद है।
बारिश ने तोड़ा 25 साल का रिकॉर्ड
इस साल हुई बारिश ने पिछले 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 1994 के बाद मानसून में इतनी बारिश हुई, जो सामान्य से अधिक है। मौसम विभाग के कुल 36 सब डिविजन में से 12 में सामान्य से ज्यादा बारिश, जबकि 19 में सामान्य बारिश हुई। मध्य प्रदेश, सौराष्ट्र और कच्छ में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
1 जून से 29 अक्तूबर तक देश में हुई सामान्य से 9 फीसदी ज्यादा बारिश
मानसून सीजन का सोमवार को आधिकारिक तौर पर अंतिम दिन था। इसके बावजूद देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम का अध्ययन करने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, आमतौर पर सितंबर के दूसरे सप्ताह में विदा होने वाला मानसून इस साल अक्तूबर के दूसरे सप्ताह तक रह सकता है।
एजेंसी के मुताबिक, 1 जून से 29 सितंबर के दौरान देशभर में 956.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जो नौ फीसदी ज्यादा है। सामान्य तौर पर इस अवधि के दौरान 877 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जाती है। इस दौरान पूर्वी भारत में औसत बारिश में करीब 15 फीसदी की कमी दर्ज की गई, जबकि दक्षिण में सामान्य से 3 फीसदी ज्यादा बारिश हुई। मध्य भारत की बात करें तो यहां 27 फीसदी ज्यादा बारिश हुई।
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purvanchal heavy rain
- फोटो : purvanchal heavy rain
एजेंसी के मुताबिक, बीते सप्ताह से भारी बारिश की मार झेल रहे बिहार, पूर्वी यूपी और झारखंड को इस सप्ताह थोड़ी राहत मिलेगी। हालांकि बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। इस मानसून सीजन में पश्चिम मध्य प्रदेश में 61 फीसदी, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 24 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। गुजरात में अगले सप्ताह के शुरुआती दो से तीन दिन बारिश की संभावना है।