घरों में काम करने वाली मेड से रेप की कोशिश और फिर उसकी हत्या के मामले में कोली ने 55 दिनों तक कोर्ट को अपनी बहस से उलझाया। कभी उसने हिंदी में दस्तावेजों की मांग की तो कभी अपने वकील को हटाने के लिए कोर्ट में अर्जी लगा दी।
2 of 11
nithari case
- फोटो : अमर उजाला
अभियोजन ने भी कोली के हर पैंतरे का जवाब दिया। नतीजा यह रहा कि कोली का एक भी पैंतरा काम नहीं आया और कोर्ट ने उसे फिर एक बार निठारी कांड में दोषी करार ठहरा दिया। निठारी की खूनी कोठी संख्या डी-5 के नौकर सुरेंद्र कोली के साथ ही सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने कोठी मालिक मोनिंदर सिंह पंधेर को भी दोषी करार दिया है।
3 of 11
nithari case
- फोटो : अमर उजाला
सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बताया कि कोली ने अदालत को उलझाने की बहुत कोशिश की। उसने कई बार वकील बदलने की बात कहीं, तो कभी उसने केस के दस्तावेज अंग्रेजी में होने पर आपत्ति जताते हुए हिंदी में दस्तावेज मांगे। कोली ने पुलिस, वकील, जज व अन्य अधिकारियों की कार्यवाही पर भी सवाल उठाए।
4 of 11
nithari case
- फोटो : राजन राय/अमर उजाला
जेपी शर्मा ने बताया कि मूलरूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली एक युवती (20) निवासी निठारी गांव में परिवार के साथ किराए पर रहती थी। वह घरों में मेड का काम करती थी। घटना वाले दिन पांच दिसंबर 2006 को युवती डी-91 कोठी में काम करने के बाद धारावाहिक कुमकुम देखकर अपने घर के लिए निकली थी। इसी बीच वह रास्ते से गायब हो गई। (फोटो में पीड़ितों के मां-बाप)
5 of 11
पंधेर की कोठी
- फोटो : राजन राय/अमर उजाला
परिजनों ने निठारी चौकी में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद कोली को 29 दिसंबर 2006 को सिविल पुलिस नोएडा द्वारा गिरफ्तार किया गया था। उसने महिलाओं और बच्चों की हत्या करना कबूल किया था। उसी की निशानदेही पर पुलिस ने खूनी कोठी से कई महिलाओं और बच्चों के अवशेष, कपडे़, चप्पल आदि बरामद किए थे।