{"_id":"5ca9687fbdec2213f32f8729","slug":"nithari-case-surendra-koli-side-story-in-noida","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"निठारी कांड: सुरेंद्र कोली को 11वें मामले में फांसी की सजा, पीड़ित बोले- सभी दोषियों पर हो कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निठारी कांड: सुरेंद्र कोली को 11वें मामले में फांसी की सजा, पीड़ित बोले- सभी दोषियों पर हो कार्रवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 07 Apr 2019 08:33 AM IST
विज्ञापन
1 of 5
nithari case
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
निठारी कांड के 11वें मामले में सीबीआई कोर्ट से सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा मिलने के बाद निठारी में डी-5 कोठी के आगे शनिवार को पहले की तरह सन्नाटा पसरा रहा। आसपास रहने वाले लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी। निठारी कांड के अधिकतर पीड़ित अब वहां नहीं रहते हैं।
2 of 5
nithari case
- फोटो : अमर उजाला
डी-5 के सामने ही काम करने वाले एक पीड़ित ने बताया कि हम लोग कोर्ट के फैसले पर क्या कह सकते हैं, लेकिन इतना जरूर है कि मामले में सभी दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, अन्य लोगों से भी बात की गई तो उन्होंने कहा कि पंधेर इन मामले से कैसे बरी होता जा रहा है। इस पर विश्वास नहीं हो रहा है।
3 of 5
nithari case
- फोटो : अमर उजाला
पत्नी को गांव भेजने के बाद कोली बन गया था हैवान
केस से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2004 में मोनिंदर सिंह पंधेर ने परिवार को पंजाब भेज दिया था। इसके बाद सुरेंद्र कोली ने भी पत्नी को गांव भेज दिया। कई महीनों तक अकेले रहने के दौरान कोली की जिंदगी में हैवानियत की शुरुआत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
nithari case
- फोटो : अमर उजाला
कोठी में अक्सर कॉल गर्ल आया करती थीं। उनके लिए कोली ही खाने से लेकर अन्य व्यवस्था करता था। इसी दौरान वह उनसे भी नजदीकी बढ़ाना चाहता था, लेकिन नौकर होने से कामयाब नहीं हो पाता था। ऐसे में वह धीरे-धीरे मानसिक बीमारी से ग्रसित होकर बच्चों के प्रति आकर्षित होने लगा। इसके बाद वह मासूमों की जिंदगी से खेलने लगा।
विज्ञापन
5 of 5
पंधेर की कोठी
- फोटो : राजन राय/अमर उजाला
एक बार गया था कोठी में
मोनिंदर सिंह पंधेर की कोठी के पास 29 साल से जूते पॉलिश करने वाले देवराज कहते हैं कि निठारी कांड से पहले एक बार कोठी के अंदर गया था। वहां चमड़े का बड़ा लेदर बैग था जिसकी मरम्मत करनी थी। कोठी के अंदर गया तो मुझे कुछ ऐसा नहीं लगा कि यहां कोई गलत काम होता होगा। इसके बाद मैं गांव चला गया। जब मीडिया में निठारी कांड सुर्खियां बना तो इसकी जानकारी हुई।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।