निकिता हत्याकांड के विरोध में रविवार को बल्लभगढ़ के दशहरा मैदान में आयोजित महापंचायत में शामिल करीब 800 लोग होम क्वारंटीन होंगे। महापंचायत में शामिल होने के बाद हाईवे पर उपद्रव करने के आरोप में गिरफ्तार तीन युवकों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इसकी एडवाइजरी जारी की है। इसके साथ ही उपायुक्त यशपाल यादव ने ऐसे किसी भी आयोजन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
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निकिता हत्याकांडः महापंचायत के बाद उग्र हुई भीड़
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उधर, हाईवे पर हंगामा करने के आरोप में पुलिस ने सोमवार को 32 लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने दावा किया है कि निकिता की हत्या के आरोपियों के खिलाफ तीन दिन में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
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nikita murder case
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पुलिस ने हत्याकांड की चश्मदीद छात्रा को कोर्ट में न्यायाधीश के सामने बयान दर्ज कराए। उसने बिना किसी झिझक के पूरी घटना का विवरण रखा। इन्हें सीलबंद कर दिया गया है। ऐेसे में मामले की सुनवाई के दौरान छात्रा के बयान निर्णायक साबित हो सकते हैं। उपद्रव के बाद निकिता के भाई नवीन तोमर को पुलिस आयुक्त ने शस्त्र लाइसेंस जारी किया है। साथ ही परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सभी परिजनों के साथ दो-दो गनमैन रहेंगे।
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भीड़ ने हाईवे पर लगाया जाम
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गौरतलब है कि निकिता को शहीद का दर्जा दिलाने, परिजनों को मुआवजा देने आदि मांगों को लेकर रविवार को हुई महापंचायत में सैकड़ों लोग पहुंचे थे। शुरू होने के कुछ ही देर बाद महापंचायत हंगामे की भेंट चढ़ गई थी। युुवाओं ने हाईवे पर जाम लगाने के बाद एक ढाबे में तोड़फोड़ की थी। पुलिस के लाठी फटकारने पर पथराव हो गया था और दस पुलिसकर्मियों समेत तीस से ज्यादा लोग घायल हुए थे। पुलिस ने 30 लोगों को हिरासत में लिया था। इन सभी की कोरोना जांच कराई तो उनमें से तीन संक्रमित मिले।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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जेल में तौसीफ और रेहान की सुरक्षा बढ़ाई
हंगामे व विरोध के बीच नीमका जेल में बंद हत्यारोपी तौसीफ और रेहान की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जिस बैरक में उन्हें रखा गया है, उसके अन्य बंदियों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही, बैरक के बाहर स्थायी तौर पर वार्डन तैनात कर दिए गए हैं।