अगर आपको अपने घर के लॉकर और बैंक के लॉकर पर भरोसा नहीं है और डर है कि यहां से आपके गोपनीय दस्तावेज चुराए जा सकते हैं तो आपके लिए एक ऐसी जगह सामने आई है जहां आप बिना किसी डर के अपने सभी दस्तावेज सुरक्षित रख सकते हैं।
अब आप अपने मार्कशीट्स, पैनकार्ड, वोटरकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस अथवा सरकार द्वारा जारी कोई भी अन्य पहचान पत्र को डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित रख सकते हैं। डिजिटल लॉकर सिस्टम को भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा विकसित किया गया है। इसमें देश के प्रत्येक नागरिक को 1 जीबी का व्यक्तिगत स्टोरेज स्पेस मिलेगा जिसमें हर कोई अपना डाटा सुरक्षित रख सकता है।
उपमुख्यमंत्री और आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री दिनेश शर्मा ने मंगलवार को बताया कि इस सिस्टम का प्रयोग करने से किसी को भी इंटरव्यू या किसी सरकारी कार्य के लिए अपने मूल दस्तावेजों को साथ ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप इसे कहीं भी अपने मोबाइल पर मिले ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) से खोल सकते हैं।
4 of 5
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि डिजिटल लॉकर के उपयोग से मूल दस्तावेजों के नष्ट होने अथवा खो जाने का खतरा नहीं होगा। इसमें डाले गए सभी डाटा पूर्णत: गोपनीय और सुरक्षित रहेंगे। प्रदेश सरकार ने भी इसके लिए जन जागरूकता शुरू करने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स ने आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। आदेश के मुताबिक डिजिटल लॉकर खोलने के लिए मोबाइल नंबर होना बेहद जरूरी है। क्योंकि ये केवल यूजर के मोबाइल नंबर पर मिली ओटीपी के द्वारा ही खुलेगा। डिजिटल लॉकर खोलने के बाद यूजर की सहमति से इसे आधार नंबर से भी लिंक किया जा सकता है।