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तरुण सागर ने घर छोड़ते वक्त कही थी ये बड़ी बात, आज हो रही है सच

Sat, 01 Sep 2018 08:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 01 Sep 2018 08:59 AM IST
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jain muni tarun sagar mahara left his house at age of 14
फाइल फोटो
जैन मुनि तरुण सागर का निधन हो गया है। उनकी उम्र 51 साल थी। 20 दिन पहले उन्हें पीलिया हुआ, जिसका कई जगह इलाज कराया गया। लेकिन आराम नहीं लगा। बीमारी के कारण उनका शरीर काफी कमजोर हो गया था। गुरुवार को भी उनकी अचानक और ज्यादा तबीयत खराब हो गई। दिन में अस्पताल में भर्ती कराया गया। शाम को उनकी सेहत में थोड़ा सुधार हुआ। 
jain muni tarun sagar mahara left his house at age of 14
इससे पहले उनकी हालत गंभीर बताई जा रही थी। उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया था। जगह-जगह उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थनाएं की जा रही थीं। जिस कमरे में उन्हें रखा गया था, वहां पर सिर्फ जैन मुनियों और शिष्यों को ही जाने की इजाजत थी। गुरुवार शाम कुछ अन्य जैन संत भी उनसे मिले थे। 
यह भी पढ़ेंः तरुण सागर को मिला था 'क्रांतिकारी संत' का तमगा, पढ़ें उनके 8 कड़वे प्रवचन
jain muni tarun sagar mahara left his house at age of 14
tarun sagar
आइए आपको बताते हैं कि जैन मुनि बनने का उनका सफर कब से शुरू हुआ। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के गुंहची गांव के रहने वाले तरुणसागर बचपन से ही काफी धार्मिक थे। शुरू से ही धर्म में उनका काफी लगाव रहता था। बताया जा जाता है कि उन्होंने 14 साल की उम्र में ही अपना घर त्याग दिया था। वो आचार्यों के साथ रहने लगे थे। 
 
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jain muni tarun sagar mahara left his house at age of 14
Tarun Sagar
तरुण सागर ने आचार्य विद्यासागर से ब्रह्मचर्य की दीक्षा ली। उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 20 साल की उम्र में वह मुनि तरुणसागर बन गए। तरुण सागर को आचार्य पुष्पदंग सागर ने मुनि दीक्षा दी। जिस समय तरुण सागर घर से निकले थे तो यह कहते थे कि वो भगवान बनना चाहते हैं। आज समाधि भावना के साथ उनकी यह बात सच हो रही है।
 
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तरुण सागर - फोटो : self
जैन संत तरूण सागर महाराज शुरू से ही अपने कड़वे प्रवचनों के लिए जाने जाते रहे थे। उन्होंने कई बार कड़वे बयान भी दिए। एक बार तो उन्होंने कुलभूषण जाधव से मिलने गई उनकी मां और पत्नी के साथ हुए बुरे बर्ताव को लेकर पाकिस्तान पर बड़ा बयान दिया था। पाकिस्तान के व्यवहार पर जैन मुनि तरुण सागर ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान में जितने आतंकवादी नहीं है उससे ज्यादा भारत में गद्दार है।
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