महिला शिष्या से सालों तक गैंगरेप करने और उसकी बेटी से छेड़छाड़ करने के आरोपों से घिरे बाबा आशु गुरुदेव के जीवन के बारे में कुछ ऐसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। ये खुलासे बताते हैं कि मामूली ड्राइक्लीन की दुकान चलाने वाला आसिफ कैसे बन गया दिल्ली में कई आश्रम चलाने वाला आशुभाई गुरुजी....
महिला से दुष्कर्म के आरोप में घिरा बाबा आशु गुरुदेव असल में हिंदू नहीं मुसलमान है। वह अपना नाम बदलकर झूठ का साम्राज्य चला रहा था। आशु गुरुदेव का असली नाम आसिफ खान है। उसके पिता का नाम इधा खान है। बाबा बनने से पहले वह क्या करता था और कैसे उसके मन में बाबा बनने का ख्याल आया उसकी भी एक दिलचस्प कहानी है।
सालों पहले आसिफ दिल्ली में रोहिणी के पास एक मामूली सी ड्राइक्लीन की दुकान चलाता था। इससे उसका घर बड़ी मुश्किल से चल पाता था। एक दिन उसकी मुलाकात एक बाबा से हो गई। वह उस बाबा से इतना प्रभावित हुआ कि आसिफ ने बाबा से तंत्र विद्या वशीकरण सीखने का निर्णय लिया।
आसिफ ने उस बाबा से तंत्र मंत्र वशीकरण टोटके आदि सीखा। इसके बाद उसने सोचा कि वह भी बाबा बन जाएगा। लेकिन इसके लिए उसने अपना नाम बदलने का फैसला किया। उसने ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रभावित करने के लिए अपना नाम बदलकर आसिफ से आशु गुरुदेव कर लिया। धीरे-धीरे वह लोगों को अपनी तंत्र विद्या से अपने बातों में बहलाने लगा। लोग उसके झांसे में आते चले गए।
लेकिन आपको ये जानकर काफी हैरानी होगी कि कैसे उसने कुछ लोगों से अपनी पैठ बड़े वर्ग तक पहुंचा ली। शुरुआत में तो आशु गुरुदेव खुद अपने नाम के पर्चे गलियों-गलियों और मोहल्लों में जाकर बांटता था। जैसे-जैसे लोग उसके झांसे में फंसते गए उसके यहां अंधभक्तों का तांता बढ़ता गया।