गुरुग्राम के सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद से नमाज पढ़कर लौट रहे युवक की टोपी फेंककर मारपीट करने और उसे भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारे लगाने पर मजबूर करने का मामला दिन-ब-दिन तूल पकड़ता ही जा रहा है। इस घटना के बाद भाजपा के नवनिर्वाचित सांसद गौतम गंभीर ही वह शख्स थे जिन्होंने सबसे पहले इस घटना की निंदा की और इस पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की। लेकिन अब सामने आ रहा है कि कई भाजपा नेताओं को ही ये बात अच्छी नहीं लगी है और अभिनेता अनुपम खेर ने तो उन्हें सुझाव तक दे डाला है।
जबरन नारे लगवाने का मामला: गंभीर को अनुपम खेर की सलाह, पॉपुलर होने के चक्कर में फंस मत जाना
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अनुपम खेर ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर को अपनी पहली जीत के लिए न सिर्फ बधाई दी बल्कि गुरुग्राम मामले पर टिप्पणी के लिए सलाह तक दे डाली। अनुपम खेर ने लिखा है, 'डियर गौतम गंभीर! आपको जीत की बहुत बधाई हो। एक जुनूनी भारतीय होने के नाते ये बात मुझे बहुत खुश करती है। हालांकि आपने मुझसे राय तो नहीं मांगी है लेकिन फिर भी- मीडिया के एक सेक्शन में लोकप्रिय होने के लिए उनके झांसे में मत आइए। ये आपका काम है जो बोलेगा। ना कि आपके बयान।' अनुपम खेर का ये ट्वीट गौतम गंभीर के उस ट्वीट के बाद आया जिसमें उन्होंने गुरुग्राम में हुई घटना की निंदा की थी।
Dear @GautamGambhir !! Congratulations on your win. As a passionate Indian it made me very happy. Not that you have asked for my advise but still- Don’t get into a trap of getting popular with a section of media. It is your work that will speak. Not necessarily your statements.🙏
बताया जा रहा है कि गौतम गंभीर के ट्वीट से दिल्ली में ही भाजपा के कुछ नेता नाराज हैं। उनका मानना है कि गंभीर के इस बयान को विपक्षी अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। अनुपम खेर ने भी गौतम गंभीर को परोक्ष रूप से ऐसे मुद्दों पर न बोलने की सलाह दी है। गौरतलब है कि गंभीर ने ट्वीट किया था कि, 'गुरुग्राम में एक मुस्लिम युवक को उसकी टोपी उतारकर जय श्रीराम के नारे लगाने के लिए कहा गया। यह बहुत दुखद है। गुरुग्राम प्रशासन को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। हम एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र हैं, जहां जावेद अख्तर 'ओ पालन हारे, निर्गुण और न्यारे' लिखते हैं और राकेश ओम प्रकाश मेहरा हमें फिल्म दिल्ली 6 में 'अर्जियां' जैसा गाना देते हैं।'
“In Gurugram Muslim man told to remove skullcap,chant Jai Shri Ram”.
It is deplorable. Exemplary action needed by Gurugram authorities. We are a secular nation where @Javedakhtarjadu writes “ओ पालन हारे, निर्गुण और न्यारे” & @RakeyshOmMehra gave us d song “अर्ज़ियाँ” in Delhi 6.
एक अन्य ट्वीट में गंभीर ने लिखा था, 'धर्म निरपेक्षता पर मेरे विचार पीएम मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सब का विश्वास” से प्रेरित हैं। मैं यहां सिर्फ गुरुग्राम के घटना की बात नहीं कर रहा हूं, बल्कि किसी भी तरह से जाति-धर्म के नाम पर किसी को दबाया जाए यह दुखद है। सहिष्णुता और सबका विकास ही वह आइडिया है जिस पर भारत राष्ट्र के तौर पर आधारित है।'
My thoughts on secularism emanate from honourable PM Mr Modi’s mantra “सबका साथ, सबका विकास, सब का विश्वास”. I am not limiting myself to Gurugram incident alone, any oppression based on caste/religion is deplorable. Tolerance & inclusive growth is what idea of India is based on.
क्या है पूरा मामला
गुरुग्राम के सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद में शनिवार रात नमाज पढ़कर आ रहे एक युवक को रोककर नशे में धुत शरारती तत्वों ने उसके टोपी पहनने पर टिप्पणी की और कथित तौर पर भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारे लगाने के लिए कहा। मना करने पर उससे मारपीट की और टोपी फेंक दी। युवक की पिटाई के बाद शोरशराबा सुनकर बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हुए तो आरोपी मौके से फरार हो गए। माहौल गरमाता देख पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंच लोगों को शांत किया। फिलहाल अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।