लगातार दो ओलंपिक में दो बार कांस्य एवं रजत और अब लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीत चुके सुशील कुमार ने 12 वर्ष पहले विश्व में देश का नाम रोशन करने का वादा किया था।
वह अपने वायदे को निरंतर पूरा करते आ रहे हैं। वह विश्व चैंपियन भी रह चुके हैं और एशियाड में भी पदक जीत चुके हैं। संभवत: विश्व स्तर पर सबसे अधिक पदक जीतने वाले वह देश के पहले पहलवान हैं।
सुशील कुमार ने वर्ष 2006 में राष्ट्रपति से अर्जुन अवार्ड ग्रहण करने के बाद अमर उजाला से बातचीत में वायदा किया था कि देश ने उन्हें जो सम्मान दिया है, वह उसका एक दिन अवश्य कर्ज चुकाएंगे। उन्हें मालूम है कि देश को क्या चाहिए, वह देशवासियों को अवश्य देंगे।
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sushil kumar
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हालांकि उस समय तक उनकी कोई खास पहचान नहीं थी। वह तब तक विश्व स्तर पर एक-दो पदक ही जीत सके थे। मगर अर्जुन अवार्ड मिलने के बाद उन्होंने पदक जीतने की झड़ी लगानी आरंभ कर दी।
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उन्होंने कहा था कि उनका प्रयास है कि ओलंपिक में पदकों के सूखे को समाप्त करूं। क्योंकि कुश्ती में तब तक देश को एक ही पदक मिला था। इस तरह उन्होंने एक बार नहीं, बल्कि दो बार ओलंपिक में पदक जीतकर अपना वायदा पूरा किया।