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Ankit Murder: अंकित हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा, उमेश ने छात्र के दोस्तों को किया था यह मैसेज, ऐसे गहराया शक
Sat, 17 Dec 2022 10:11 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 17 Dec 2022 10:11 AM IST
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Ankit Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद के मोदीनगर में पीएचडी के छात्र अंकित खोखर की हत्या के रहस्य से पर्दा उठाने में उसके छह करीबी दोस्तों की अहम भूमिका रही है। उसके मोबाइल फोन पर कॉल रिसीव न होने पर दोस्तों को शक हुआ था कि कहीं कुछ गड़बड़ है। इसके बाद वे इसकी तह तक जाने के लिए दो माह तक खुद जांच में जुटे रहे। पुलिस सुनवाई के लिए तैयार नहीं हुई तो अंकित के साथ अनहोनी की आशंका के सुबूत जुटाकर दिए और मकान मालिक उमेश शर्मा की साजिश को बेनकाब कर दिया। इसके बाद पुलिस को हरकत में आना पड़ा। अंकित का मोबाइल फोन छह अक्तूबर की रात को बंद हुआ था। इससे पहले दोस्त राजीव बालियान से बात हुई थी। इसके बाद सात से 10 तक फोन बंद रहा। 11 को एरोप्लेन मोड पर कर दिया और वाईफाई से व्हाट्सएप चलाने लगा।
मृतक अंकित खोखर का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
20 के बाद फोन पर घंटी जाने लगी। दोस्त उमेश को फोन करके पूछते तो वह सभी को एक ही जवाब देता कि अंकित उत्तराखंड गया है। सभी दोस्त उमेश को फोन करने के बाद आपस में बात करते थे।
इसी मकान में किराये पर रहता था अंकित
- फोटो : अमर उजाला
उमेश अंकित बनकर जो मेसेज कर रहा था, उनमें भाषा की अशुद्धियां थीं जबकि पहले ऐसा नहीं होता था। वे अंकित के घर गए तो मकान मालिक ने अंदर नहीं जाने दिया। इससे शक गहराया।
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Ankit Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
सेफ हूं कोई दिक्कत नहीं है....से गहराया शक
-अंकित का मोबाइल हमेशा ऑन रहता था, यह छह से नौ अक्तूबर तक स्विच ऑफ रहा तो दोस्तों को चिंता हुई कि उसके साथ कुछ गलत तो नहीं हो गया है।
-10 अक्तूबर को अंकित का व्हाट्सएप चालू हो गया लेकिन फोन पर घंटी नहीं जा रही थी। 20 के बाद घंटी जाने पर भी फोन नहीं उठा तो चिंता और बढ़ गई।
-23 अक्तूबर को दिवाली पर भी अंकित का फोन नहीं उठा तो दोस्तों को उसके साथ अनहोनी होने की आशंका गहराने लगी।
-अंकित का मोबाइल हमेशा ऑन रहता था, यह छह से नौ अक्तूबर तक स्विच ऑफ रहा तो दोस्तों को चिंता हुई कि उसके साथ कुछ गलत तो नहीं हो गया है।
-10 अक्तूबर को अंकित का व्हाट्सएप चालू हो गया लेकिन फोन पर घंटी नहीं जा रही थी। 20 के बाद घंटी जाने पर भी फोन नहीं उठा तो चिंता और बढ़ गई।
-23 अक्तूबर को दिवाली पर भी अंकित का फोन नहीं उठा तो दोस्तों को उसके साथ अनहोनी होने की आशंका गहराने लगी।
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मृतक अंकित खोखर का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
-व्हाट्सएप पर अंकित बनकर उसके मोबाइल से मकान मालिक उमेश दोस्तों से चैटिंग कर रहा था। मैसेज में भाषा की अशुद्धियां देख दोस्तों को लगा कि फोन किसी और के पास है।
-अंकित दोस्तों को आप कहकर संबोधित करता था, जबकि उमेश मैसेज के जवाब में उन्हें तू संबोधित कर रहा था। इससे उनका शक गहराता चला गया।
-लगातार मैसेज आने पर उमेश ने अंकित बनकर उसके दोस्तों को मैसेज किया, मैं सेफ हूं.... कोई दिक्कत नहीं है। इससे शक और गहराया। दोस्तों ने सोचा कि भला उसे यह मैसेज करने की क्या जरूरत है।
-अंकित दोस्तों को आप कहकर संबोधित करता था, जबकि उमेश मैसेज के जवाब में उन्हें तू संबोधित कर रहा था। इससे उनका शक गहराता चला गया।
-लगातार मैसेज आने पर उमेश ने अंकित बनकर उसके दोस्तों को मैसेज किया, मैं सेफ हूं.... कोई दिक्कत नहीं है। इससे शक और गहराया। दोस्तों ने सोचा कि भला उसे यह मैसेज करने की क्या जरूरत है।