दिल्ली चिडिय़ाघर में दो दिनों में चार जानवरों की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। जानवरों की मौत के बाद सोमवार को चिडिय़ाघर निदेशक रेनू सिंह ने पूरे चिडिय़ाघर का राउंड किया। हालांकि जानवरों की मौत के पीछे लापरवाही से इंकार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जानवरों की मौत के अलग-अलग कारण है। वहीं चिडिय़ाघर में सबसे अधिक उम्रदराज बंगाल टाइगर प्रिया की भी तबियत खराब है।
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दिल्ली चिड़ियाघर में चार जानवरों की मौत, बंगाल टाइगर प्रिया की तबियत खराब
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 10 Apr 2018 10:17 AM IST
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bengal tiger
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अजगर
चिडिय़ाघर में शनिवार-रविवार के बीच चार जानवरों काला हिरण, अजगर, फीमेल गौर और नीलगाय की मौत हो गई। दो दिनों के अंदर चार जानवरों की मौत से चिडिय़ाघर प्रशासन में हड़कंप मचा लेकिन इसके लिए किसी की लापरवाही नहीं बताई जा रही है। सभी की मौत के लिए अलग-अलग कारण बताएं जा रहे है।
black buck
चिडिय़ाघर प्रशासन के मुताबिक बीट नंबर छह में नील गाय रखी गई है। शनिवार को दो मेल नीलगाय की आपस में लड़ाई हो गई। इसमें एक नील गाय की ज्यादा चोट आने से मौत हो गई। ब्लैक बग (काला हिरण) की मौत नहीं हुई है।
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नीलगाय
- फोटो : Getty
बल्कि मरा हुआ ब्लैग बग ही पैदा हुआ था। इसी तरह गौर की मौत के पीछे दो गौर एक मेल और फीमेल के बीच हुई लड़ाई हुई। उस दौरान फीमेल गौर को घाव बने उसमें इंफेक्शन से उसकी मौत हो गई।
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female gaur
ज्यादा उम्र की वजह से बीमार बंगाल टाइगर
चिडिय़ाघर प्रशासन के मुताबिक फीमेल बंगाल टाइगर प्रिया की तबियत खराब है। यह बीमारी का कारण सिर्फ उसकी उम्र है। मगर अब वह कुछ ठीक है उसे दोबारा उसके बाड़े यानि बीट नंबर पांच में शिफ्ट कर दिया गया है। उसकी उम्र 24 साल से अधिक है। यह उम्र किसी भी टाइगर की अधिकतम उम्र होती है। उसके सभी दांत टूट चुके है। उसे उबला हुआ खाना या मांस खाने को दिया जाता है। उसे वर्ष 2000 में चंडीगढ़ से लाया गया था। तबियत खराब होने के चलते उसका खास ध्यान रखा जा रहा है।
चिडिय़ाघर प्रशासन के मुताबिक फीमेल बंगाल टाइगर प्रिया की तबियत खराब है। यह बीमारी का कारण सिर्फ उसकी उम्र है। मगर अब वह कुछ ठीक है उसे दोबारा उसके बाड़े यानि बीट नंबर पांच में शिफ्ट कर दिया गया है। उसकी उम्र 24 साल से अधिक है। यह उम्र किसी भी टाइगर की अधिकतम उम्र होती है। उसके सभी दांत टूट चुके है। उसे उबला हुआ खाना या मांस खाने को दिया जाता है। उसे वर्ष 2000 में चंडीगढ़ से लाया गया था। तबियत खराब होने के चलते उसका खास ध्यान रखा जा रहा है।