उत्तर-पश्चिम दिल्ली के अशोक विहार स्थित सावन पार्क में बुधवार सुबह पांच मंजिला इमारत जमींदोज हो गई। इसका मलबा मेन रोड पर ठीक सामने बनी एक दूसरी बिल्डिंग पर भी गिरा। इस इमारत को भी काफी नुकसान हुआ। हादसे में चार बच्चों, एक पुरुष और दो महिलाओं की मौत हो गई जबकि पांच अन्य घायल हो गए। इनमें एक की हालत नाजुक है।
दिल्ली में 5 मंजिला इमारत जमींदोज, 4 बच्चों समेत 7 की मौत, पढ़ें कब क्या हुआ
देर शाम तक मलबा हटाने का काम जारी था। एनडीआरएफ की दो टीमों को बचाव और राहत के काम में लगाया गया है। पुलिस ने बिल्डिंग मालिक धर्मेंद्र, उसके पार्टनर सचिन और सचिन के पिता के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। इस मामले में उन्हें अधिकतम दस साल की सजा हो सकती है। पुलिस के मुताबिक, हादसा सुबह 9:25 बजे सावन पार्क, मेन मार्केट, अशोक विहार फेज-3 में हुआ। यहां 25 गज में मकान बना था। ग्राउंड फ्लोर पर दुकान थी, जबकि ऊपर बनी चार मंजिलों में से तीन में चार परिवार रह रहेे थे। करीब एक साल से इमारत मेन रोड की ओर झुक गई थी और सड़क पर लगे एक पुराने शीशम के पेड़ से टिकी हुई थी। बुधवार सुबह इमारत अचानक मेन रोड की ओर सामने सी-26 में बनी एक अन्य इमारत पर गिर गई। गनीमत रही कि इस बिल्डिंग में कोई हताहत नहीं हुआ।
झुक गई थी इमारत, शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर दुकान चलाने वाले पवन के बेटे शिवकुमार और अन्य स्थानीय लोगों ने एमसीडी को इमारत की हालत के बारे में 16 अगस्त 2017 को शिकायत दी थी। इसके बाद भी अधिकारियों ने लापरवाही बरती और इमारत जमींदोज हो गई। 15 दिन पहले एमसीडी की टीम ने 20 साल पुराने इस इमारत का निरीक्षण किया था।
कुल 23 लोग रहते थे बिल्डिंग में
ग्राउंड फ्लोर पर शिव कुमार दोने और पत्तल की दुकान चलाता था। पहली मंजिल विनोद नामक व्यक्ति की है, जो फिलहाल खाली थी। दूसरी मंजिल पर उमेश, तीसरी पर राजबहादुर और विमलेश और चौथी मंजिल पर नरोत्तम का परिवार रहता था। ऊपर की तीनों मंजिलों पर कुल 23 लोग रह रहे थे।
एक ही परिवार के चार की मौत
हादसे में दूसरे मंजिल पर रहने वाले उमेश की पत्नी सीमा (28), भाई लक्ष्मण (25) और दो बच्चे आशी (3) व शौर्य (2) की मौत हो गई। इसके अलावा तीसरे मंजिल पर रहने वाले विमलेश के दो बच्चों रजनीश (4) और सुमनेश (12) की भी जान चली गई। राज बहादुर की पत्नी मुन्नी देवी (40) की भी हादसे में मौत हो गई।
ताश के पत्ते की तरह गिर रही थी इमारत
विमलेश ने कहा कि सुबह-सुबह मैं घर से निकल कर कुछ ही दूर गया था कि अचानक मैंने तेज आवाज सुनी। मैंने पीछे मुड़कर देखा तो हमारी बिल्डिंग ताश के पत्ते की तरह गिर रही थी। हादसे में मेरे दो बच्चों की मौत हो गई।
कब क्या हुआ
9:20 : पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई।
9:25 : स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी सूचना।
9:40 : स्थानीय लोगों ने मलबे से नौ लोगों को निकाल लिया।
9:40 : पीसीआर व कैट्स की एक एंबुलेंस मौके पर पहुंची। इसके बाद एक-एक कर कई गाड़ियां पहुंचीं।
9:45 : दमकल विभाग की एक गाड़ी पहुंची।
10:00 : आपदा प्रबंधन की टीम भी पहुंची।
10:30 : जिला पुलिस उपायुक्त व अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पहुंचे।
11:45 : बचाव दल ने मुन्नी देवी का शव मलबे से निकाला।
12:48 : एक बच्चे का शव मलबे से निकाला गया।
1:00 : एक और बच्चे का शव मलबे से निकाला गया।
3:00 : केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन घटनास्थल पर पहुंचे।
4:00 : नॉर्थ एमसीडी के मेयर आदेश गुप्ता पहुंचे।
4:30 : सीएम अरविंद केजरीवाल पहुंचे।
देर शाम तक घटनास्थल से मलबा हटाने का काम जारी था।