गाजियाबाद में दुष्कर्म पीड़ित बच्ची के पिता ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए। उन्होंने कहा कि हैवानों ने हमारी फूल-सी बेटी की जिंदगी बर्बाद कर दी, उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए, तभी इंसाफ होगा... यह कहते-कहते बच्ची के पिता का गला रुंध गया। उन्होंने कोर्ट में सामूहिक दुष्कर्म के घटनाक्रम के बारे में बताया है। साथ ही मांग की है कि इंसाफ में देरी नहीं होनी चाहिए। पॉक्सो कोर्ट से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म की शिकार बनी उनकी 12 साल की बेटी हंसना-बोलना, खेलना-कूदना सब भूल गई है। वह हर वक्त गुमसुम रहती है, उसकी आवाज सुनने को भी कान तरस जाते हैं।
हमारी बेटी ऐसी न थी: कार्टून देखना उसे था पसंद, अब रहती है हर वक्त गुमसुम, दुष्कर्म पीड़िता के पिता की जुबानी
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
Published by: आकाश दुबे
Updated Sat, 15 Oct 2022 08:25 AM IST
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