फर्जी आईएफएस अधिकारी जोया खान की जांच में रोजाना चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। पुलिस के मुताबिक जोया सुरक्षा लेने के लिए स्पूफिंग मेल से छह जनपदों की पुलिस के आला अधिकारियों को ई-मेल करती थी। जिसे अधिकारी आसानी से पहचान नहीं पाते थे। इसका लाभ उठाकर लंबे समय से जोया पुलिस को चकमा देकर अपना काम कर रही थी।
2 of 7
पुलिस की गिरफ्त में आईएफएस अफसर
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्पूफिंग मेल और इससे मिलते-जुलते साफ्टवेयर की मदद से किसी भी संस्था या सरकारी विभाग की ई-मेल आईडी की हूबहू मेल आईडी को तैयार कर लिया जाता है। इस आईडी से अधिकारियों को जो ई-मेल भेजी जाती है, उसकी सत्यता को पहचानना बिना जांच के आसान नहीं होता है। जोया भी जिस जिले में जाती थी, तो वहां स्पूफिंग मेल से कार्यालय की मेल आईडी पर संदेश भेजती थी। कर्मचारी भी उसे सरकारी निर्देश मानकर बिना जांच पड़ताल किए ही जोया को सुरक्षा मुहैया करा देते थे।
3 of 7
जब्त पिस्तौल और वॉकी-टॉकी
- फोटो : अमर उजाला
साल 2017 में ग्रेनो स्थित क्राउन प्लाजा होटल के मालिक की मेल की फर्जी आईडी तैयार कर उनके प्रबंधक को उसी के माध्यम से एक खाते में साढे़ चार लाख रुपये भेजने के निर्देश दिए गए थे। मैनेजर ने भी उस मेल आईडी को सही मानकर निर्देश के मुताबिक पैसे संबंधित व्यक्ति को भेज दिए थे। जब मालिक ने पैसों का हिसाब लिया तो फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। उसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
4 of 7
जोया की कार पर यूएनओ का सिंबल
- फोटो : अमर उजाला
विदेशी मेल में क्या है राज
पुलिस ने बताया कि जोया खान के लैपटॉप से अफगानिस्तान समेत कई देशों में ई-मेल भेजे मिले हैं। जिसकी गंभीरता से जांच पड़ताल चल रही है। इसको देखते एटीएस भी लगी है। फोरेंसिक लैब में जोया के लैपटॉप और मोबाइल भेजे हैं।
5 of 7
हर्ष प्रताप सिंह
- फोटो : अमर उजाला
जोया ही करती थी कॉल और मैसेज
फर्जी आईएफएस बनकर पुलिस को ई-मेल और कॉल करने का काम जोया खान करती थी। अब तक जांच में हर्ष प्रताप सिंह की कोई भूमिका सामने नहीं आई। पुलिस के मुताबिक जोया के डॉ. पिता अयूब खान भी कहते हैं कि वह हर्ष प्रताप को नहीं जानते हैं। जोया की शादी कब हुई, इसकी कोई जानकारी डॉ. खान को नहीं है। मेरठ समेत अन्य जनपद के पुलिस रिकॉर्ड में भी हर्ष प्रताप सिंह का रोल अभी सामने नहीं आया है।