दिल्ली विश्विद्यालय के रामजस कॉलेज विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ ने इस विवाद को राष्ट्रवाद से जोड़ कैंपस में तिरंगा यात्रा निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। रामजस कॉलेज से 180 फुट तिरंगे के साथ शुरु हुई यात्रा में बड़ी संख्या में एबीवीपी व डूसू कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान वंदे मातरम व भारत माता की जय, देश विरोघी नारे नहीं चलेंगे, भारत माता का अपमान नहीं सहेंगे जैसे नारे भी खूब लगे। तिरंगा यात्रा के दौरान कैंपस के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती रही।
रामजस कॉलेज हिंसक झड़प मामला: डूसू ने 180 फुट लंबे तिरंगे को लेकर कैंपस का चक्कर लगाया
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एबीवीपी व डूसू की ओर से निकाली गई यह यात्रा रामजस से शुरु होकर दौलत राम, एसआरसीसी, पटेल चेस्ट, होते हुए आट्र्स फैकल्टी की विवेकानंद प्रतिमा पर जाकर समाप्त हुई। इस दौरान पुलिस के कई बड़े आला अधिकारी भी सुरक्षा कारणों से मार्च के साथ-साथ रहे। पुलिस आज हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार थी। मार्च में छात्रों ने एंटी नेशनल आइसा गो-बैक-गो बैक, उमर खालिद के जो यार हैं वो देश के गद्दार है, भारत माता का अपमान नहीं सहेंगे, जो कश्मीर हमारा है वो सारा का सारा है, रामजस हमारे-आप का, नहीं किसी के बाप का, नारे लगाए।
आट्र्स फैकल्टी में यात्रा के समाप्त होने के बाद डूसू अध्यक्ष अमित तंवर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वामपंथियों ने जैसा माहौल जेएनयू में बनाया है वैसा डीयू में नहीं बनने देंगे। वामपंथी यदि दुबारा उमर खालिद को बुलाने का प्रयास करते हैं तो संसद तक मार्च निकाला जाएगा। डूसू सचिव अंकित सांगवान ने कहा कि यह मार्च देश मके नाम है। डीयू को जेएनयू पार्ट-2 नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों ने रामजस में कार्यक्रम आयोजित किया उन्हें सस्पेंड किया जाना चाहिए साथ ही ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए।
इस पूरे मामले में एबीवीपी व वामपंथी छात्र संगठनों के बीच कैंपस से लेकर सोश्ल मीडिया पर लगातार जंग जारी है। वहीं इस पूरे मामले में अब वामपंथी छात्र संगठन मंगलवार को एसजीटीबी खालसा कॉलेज से पब्लिक प्रोटेस्ट मार्च निकालेंगे जिसमें छात्र व शिक्षक शामिल होंगे।
एनएसयूआई की सांकेतिक भूख हड़ताल और प्रदर्शन
रामजस विवाद पर एनएसयूआई ने मंगलवार को एक दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल का ऐलान किया है। सुबह भूख हड़ताल की शुरुआत की जाएगी। जिसकेबाद शाम को एनएसयूआई कार्यकर्ता मशाल रैली निकालेंगे। जिसके माध्यम से वह कैंपस में शांति व अंहिसा का संदेश देंगे।