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अगर उस दिन नोएडा में न होते पूर्व प्रधानमंत्री तो शायद मिल गया होता आरुषि का कातिल

Fri, 13 Oct 2017 08:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Fri, 13 Oct 2017 08:26 PM IST
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due to pm manmohan singh visit to noida police made mistakes in aarushi murder case
आरुषि-हेमराज हत्याकांड को देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री बनाने में नोएडा पुलिस की अहम भूमिका है। नोएडा पुलिस ने इस केस की जांच की शुरुआत में ही सबूत जुटाने में ऐसी चूक कर दी, जिसकी भरपाई अब तक नहीं हो सकी है।
due to pm manmohan singh visit to noida police made mistakes in aarushi murder case
- फोटो : लाल सिंह
16 मई 2008 को आरुषि का शव तलवार दंपति के घर में मिला था। उसी दिन मेट्रो अस्पताल में भर्ती एक बड़े नेता को देखने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता नोएडा आए हुए थे। इनकी सुरक्षा के लिए मेट्रो अस्पताल के आसपास के क्षेत्र को रूट परिवर्तन कर छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
due to pm manmohan singh visit to noida police made mistakes in aarushi murder case

सुरक्षा को देखते हुए नोएडा पुलिस के सभी बड़े अधिकारी भी मेट्रो अस्पताल में मौजूद थे। ऐसे में आरुषि की हत्या का पता चलने पर तत्कालीन थाना सेक्टर-20 प्रभारी दाताराम नौनेरिया मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने किसी आत्महत्या की तरह इस केस में भी खानापूर्ति करते हुए आरुषि के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।

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पहले दिन मौके से न तो खून के नमूने लिए गए और न ही खून से सनी चादर और गद्दों को पुलिस ने सीज किया। यहां तक कि पुलिस को छत पर जाने वाली सीढ़ियों पर गिरी खून की बूंदे तक नहीं दिखीं। पुलिस ने पहले दिन छत पर जाने का कोई प्रयास नहीं किया। जबकि छत के दरवाजे पर ताला लगा था और ताले समेत दरवाजे पर खून से सने हाथों के निशान थे।
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अगले दिन पूर्व डीएसपी केके गौतम छत पर पहुंचे थे और नौकर हेमराज का शव बरामद कराया था। इसके बाद भी नोएडा पुलिस नहीं चेती और घटनास्थल को घेरकर फॉरेंसिक सबूत एकत्र नहीं किए। दोनों दिन फ्लैट में जुटी भीड़ के पैरों और हाथों के निशान में सभी सबूत मिट गए।
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