जामिया से शुरू हुआ नागरिकता संसोधित कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का विरोध राजधानी के कई इलाकों तक पहुंच चुका है। इस आग को हवा देने वाले ऐसे कई लोगों की पहचान की जा रही है, जो माहौल खराब कर अराजकता का माहौल उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। सूत्रों की माने तो खुफिया एजेंसियों ने 16 लोगों को चिन्हित कर लिया है। इन लोगों पर शाहीन बाग से लेकर खुरेजी तक प्रदर्शन को हवा देने का आरोप है।
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शाहीन बाग में प्रदर्शनकारी
- फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शन की पूरी पटकथा लिखने वाले यह लोग रुपयों से लेकर भीड़ एकत्र करने के लिए यूनिवर्सिटी की छात्राओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह छात्राएं घर-घर जाकर महिलाओं को धरने में शामिल होने के लिए समझा रही हैं। इन छात्राओं के व्हॉट्सऐप ग्रुप से जोड़ कर पूरी कार्ययोजना को तैयार किया जा रहा है। इन छात्राओं की अगुवाई यूनिवर्सिटी के कुछ पूर्व छात्र कर रहे हैं, जिनकी मदद के लिए मेरठ, मुजफ्फरनगर सहित कई अन्य जिलों के लोग कार्य कर रहे हैं।
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शाहीन बाग में प्रदर्शनकारी
- फोटो : अमर उजाला
नागरिकता कानून के खिलाफ दिल्ली के जामिया से शुरू हुआ विरोध शाहीन बाग, खुरेजी, जामा मस्जिद, तुर्कमान गेट सहित कई अन्य इलाकों तक पहुंच गया है। आलम यह है कि एक महीने से महिलाएं सड़कों पर बैठी हुई हैं, जिसकी वजह से कानून व यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इन प्रदर्शन के पीछे किसी चेहरे के न होने का दावा किया जा रहा था। लेकिन खुफिया एजेंसियां लगातार प्रदर्शन के पीछे छिपे बैठे कई लोगों का सुराग लगा चुकी है।
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शाहीन बाग में मौजूद प्रदर्शनकारी महिलाएं
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सूत्रों की माने तो यह लोग यूनिवर्सिटी की छात्राओं को अपना हित साधने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रदर्शन में महिलाओं को आगे किया गया। महिलाओं के प्रदर्शन में रहने से पुलिस भी उन कार्रवाई से पीछे हट रही है। महिलाओं को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
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जामिया के बाहर विरोध प्रदर्शन
- फोटो : amar ujala
इस काम के लिए जेएनयू, जामिया, डीयू सहित कई अन्य शिक्षण संस्थाओं के छात्राओं को लगाया गया है। इन छात्राओं ने हर इलाके में महिलाओं का एक व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा है, जो हर दिन प्रदर्शन की कार्ययोजना ग्रुप पर भेजती हैं। एजेंसियां ऐसे लोगों की पहचान कर उनकी कॉल डिटेल को भी खंगाल रही है। सर्विलांस से लगातार हर उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था को खराब करने वालों के खिलाफ जल्द वक्त आने पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस संबंध में कोई भी पुलिस का अधिकारी खुल कर बोलने से बच रहा है।