गंदी लत का शिकार हो रही हैं हॉस्टल में रहने वाली लड़कियां
आज के समाज में जहां लड़कियां भी अब अपने घरों से दूर हॉस्टल में रहकर अपनी
पढ़ाई कर रही हैं व करियर बनाने में लगी हैं, वहीं हॉस्टल की जिंदगी और
दूसरों की देखादेखी में ये कुछ बुरी आदतों का शिकार भी हो रही हैं। (खबर साभारः टाइम्स ऑफ इंडिया)
गंदी लत का शिकार हो रही हैं हॉस्टल में रहने वाली लड़कियां
ऐसा हम नहीं ग्लोबल एडल्ट्स टोबैको सर्वे में आए आंकड़े बयां कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि भारत में पिछले 5-10 सालों में लोगों में फेफड़े का कैंसर बढ़ा है और दिल्लीवासियों में पाया जाने वाला ये छठा कॉमन कैंसर है।
गंदी लत का शिकार हो रही हैं हॉस्टल में रहने वाली लड़कियां
इस सर्वे के अनुसार भारत और खासकर दिल्ली में महिला स्मोकर्स की तादात बढ़ी है। जब दिल्ली की कुछ लड़कियों से पूछा गया कि उन्होंने पहली बार सिगरेट कब पी थी तो जवाब मिला कि स्कूल में ही शुरूआत हुई थी और कॉलेज पहुंचते-पहुंचते वो नियमित आदत बन गई।
गंदी लत का शिकार हो रही हैं हॉस्टल में रहने वाली लड़कियां
लड़कियों ने ये भी बताया कि कॉलेज में प्रोफेसरों को देखकर, क्रिएटिव डिस्कशन में भाग लेते हुए और नारीवाद और नारी सशक्तिकरण जैसी बातें सुनने के बाद भी कई लड़कियों ने सिगरेट पीने जैसी गंदी लतों की आदत डाल ली।
गंदी लत का शिकार हो रही हैं हॉस्टल में रहने वाली लड़कियां
इस सर्वे में लड़कियों से बात करके पता चला कि कॉलेज में सिगरेट पीना स्कूल के मुकाबले ज्यादा आसान है। रामजस कॉलेज की एक छात्रा कहती है कि उसने पहली बार स्कूल में सिगरेट पी थी। लेकिन तब उसे घरवालों के साथ-साथ टीचरों, अन्य बच्चों और अचानक दिख जाने वाले अंकल आंटी का भी डर रहता था। कॉलेज में आने के बाद ऐसा नहीं होता। तब केवल अपने माता-पिता से डर होता है बाकी किसी और को कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या कर रहे हैं। बल्कि प्रोफेसर तो देखकर कभी-कभी आपसे ही मांग लेते हैं सिगरेट। वो कहती है कि कॉलेज के पहले साल से उसने अच्छे से सिगरेट पीना शुरू किया और दूसरे साल से तो उसे लत ही लग गई है।