दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने वर्ष 2016 में वजीराबाद में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या की गुत्थी को दो वर्ष बाद सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी अभिषेक पाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने लोन नहीं चुका पाने पर एक साथी व मृतक व्यवसायी के भतीजे के साथ मिलकर पूरे परिवार को खत्म कर दिया था। मृतक व्यवसायी की टीचर बेटी का शव हापुड़ में मिला था। पुलिस इस मामले को पिछले दो साल से हॉरर किलिंग का मामला मान रही थी लेकिन जब पुलिस के सामने सच्चाई आई तो उनके भी पैरों तले जमीन खिसक गई।
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Wazirabad mass murder case
- फोटो : यूट्यूब
यूपी पुलिस शुरू में इसे हॉरर किलिंग का मामला समझ रही थी। अब खुलासा हुआ है कि ये हॉरर किलिंग का मामला नहीं था। पुलिस व्यवसायी, उसकी पत्नी व बेटे के शव की तलाश कर रही है। अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. अजित कुमार सिंगला के अनुसार, ये मामला जुलाई, 2016 में उस समय सामने आया था, जब वजीराबाद, दिल्ली में रहने वाली टीचर नैना का हापुड़ नहर में शव मिला। नहर के पास ही नैना की कार मिली, जोकि नैना के गारमेंट्स व्यवसायी पिता वेदप्रकाश के नाम रजिस्टर्ड थी।
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पुलिस ने जब नैना के परिवार को तलाश किया, तो पूरा परिवार गायब मिला। ऐसी परिस्थिति में यूपी पुलिस को लगा कि नैना की हत्या उसके परिवार वालों ने की है। यूपी पुलिस ने हॉरर किलिंग का मामला दर्ज किया था। बाद में पुलिस को पता लगा कि नैना के पिता वेदप्रकाश, मां साधना व भाई की भी हत्या कर दी गई है।
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हत्या का एक आरोपी मन्नू यूपी में सड़क दुर्घटना में मारा गया था, जबकि मुख्य आरोपी गांव वजीराबाद, दिल्ली निवासी अभिषेक पाल उर्फ मिंटू (26) को अपराध शाखा ने अब गिरफ्तार किया है। तीसरा आरोपी सोनू फरार है। इंस्पेक्टर सुनील जैन, एसआई राकेश व विमल की टीम ने अभिषेक को आउटर रिंग रोड, संजय अखाड़ा से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से कट्टा व दो कारतूस बरामद किए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
पैसे लौटाने का दबाव नहीं झेल पाया
आरोपी अभिषेक ने बताया कि वह वेदप्रकाश व उसके परिवार को अच्छी तरह जानता था। उसका दोस्त रितेश कटियार वेदप्रकाश की मजनूं का टीला स्थित दुकान पर काम करता था। वेदप्रकाश ने अपना दूसरा व्यवसाय खोल लिया और दुकान रितेश को किराये पर दे दी। रितेश का व्यवसाय नहीं चला और उसे घाटा हो गया। ऐसे में रितेश ने अभिषेक की गारंटी पर वेदप्रकाश से अगस्त, 2015 में 4 लाख का लोन लिया। ब्याज के साथ साढ़े 8 लाख लौटाने थे।