जेवर-बुलंदशहर स्टेट हाईवे पर बीती रात करीब 1:30 बजे एक परिवार से लूटपाट के बाद चार महिलाओं से दरिंदगी और एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। पीड़ित ने बदमाशों से परिवार की महिलाओं को छोड़ देने की काफी मिन्नत की थी। इसके बाद भी बदमाशों का दिल नहीं पसीजा।
'हमारे सारे पैसे ले लो पर महिलाओं की इज्जत को बख्श दो, हम घर से भी पैसे लाकर दे देंगे। चाहे तो तुम लोग हमारे साथ किसी शख्स को भेज दो। पुलिस को इस बारे में जानकारी तक नहीं देंगे। पर महिलाओं के साथ ऐसा अन्याय मत करो। हमारा गांव में रहना मुश्किल हो जाएगा।' परिवार को बचाने की शकील की गुहार बदमाशों की गोलियों के बीच दब गई। इतना सुनने के बाद भी जब बदमाश नहीं माने, तो यहां मौजूद सबसे बुजुर्ग महिला को बदमाशों के पैरों में गिरना पड़ा। लेकिन किसी बदमाश ने कुछ नहीं सुना। (सभी फोटो: राजन राय)
जिला अस्पताल में आई पीड़ित परिवार की महिला रिश्तेदार ने बताया कि पुलिस भी समय पर नहीं आई। जिस वजह से बदमाशों का तांडव देर तक चलता रहा। सबसे पीड़ित बुजुर्ग महिला का कुछ दिनों पहले बच्चे दानी का ऑपरेशन भी हुआ था। महिला ने बदमाशों को ये बात बताई भी, लेकिन वो सुनने को तैयार नहीं हुए। वो महिला दर्द के मारे तड़पती रही। बदमाश एक - एक महिला को लेकर झाड़ियों में चले गए और गैंगरेप किया। चारों महिलाओं को सदमा लगा है। कोई महिला बात करने की स्थिति तक में नहीं हैं।
जिन महिलाओं का मेडिकल हो रहा था, वो डॉक्टरों को आपबीती सुना रही थीं। ये महिलाएं अंदर तेज -तेज रो रही थीं। इन्हें देखकर आसपास की भर्ती महिलाएं भी रोने लगी। एक महिला ने बताया कि बुजुर्ग महिला बहुत रो रही थी। उसकी आपबीती सुनकर लेबर रूम में भर्ती महिलाओं के पसीने छूट गए। इस घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जैसी ही अस्पताल में गैंगरैप पीड़िर्त आइं। ये जानकारी ओपीडी में आए मरीजों तक पहुंच गई। ये मरीज ओपीडी को छोड़कर लेबर रूम के बाहर पहुंच गए । यहां पर महिलाओं का मेडिकल हो रहा था। अस्पताल प्रशासन के लिए भीड़ पर काबू पाना मुश्किल हो गया। हर कोई शख्स अस्पताल में गैंगरेप पीड़ित को देखना चाह रहा था। भीड़ पर काबू पाने के लिए अस्पताल प्रशासन को अतिरिक्त गार्ड बुलाकर लेबर रूम के बाहर लगाने पड़े। इसके साथ ही लेबर रूम में प्रवेश के दौरान लगे लोहे के चैनल को भी बंद कराना पड़ा।
सीएमओ डॉक्टर अनुराग भार्गव ने बताया कि मामला बहुत गंभीर है। मैँ खुद अस्पताल गया । महिलाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।