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Delhi: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में ऋण दिलाने के नाम पर ठगी, दो जालसाज पर कसा शिकंजा
Wed, 14 Sep 2022 08:09 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 14 Sep 2022 08:09 AM IST
सार
पुलिस ने इनके कब्जे से 21 मोबाइल फोन, दो कम्प्यूटर, 2 लैपटॉप, वाईफाई राउटर और डोंगल बरामद किया है। आरोपियों की पहचान कादीपुर निवासी अजय सिंह और जहांगीरपुरी निवासी सचिन के रूप में हुई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
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विस्तार
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत लाखों का ऋण दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का मामला सामने आया है। रोहिणी साइबर सेल ने दोनों आरोपियों को तकनीकी जांच की मदद से दिल्ली के कादीपुर और जहांगीरपुरी से गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी को कॉल सेंटर में काम करने का अनुभव है।
पुलिस ने इनके कब्जे से 21 मोबाइल फोन, दो कम्प्यूटर, 2 लैपटॉप, वाईफाई राउटर और डोंगल बरामद किया है। आरोपियों की पहचान कादीपुर निवासी अजय सिंह और जहांगीरपुरी निवासी सचिन के रूप में हुई है।
कांति सोनी नाम की महिला ने पहचान पत्र, बैंक विवरण लेने के बाद धोखाधड़ी करने के संबंध में एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत की थी। उसने बताया कि उनके पास एक महिला का फोन आया। उसने बताया कि वह प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ऋण प्रदान करते हैं और उन्हें 10 लाख रुपये का ऋण दिला सकते हैं।
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इसके एवज में उन्हें 6.50 लाख रुपये चुकाने होंगे। आरोपी ने ऋण प्रक्रिया के लिए पीड़िता से पहचान पत्र और बैंक विवरण लिया। पंजीकरण के एवज में पांच हजार रुपये बैंक खाते में जमा करने को कहा। पैसा जमा कराने के बाद जब काफी दिन तक ऋण नहीं मिला तो उसने आरोपी से रुपये वापस मांगे।
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पुलिस ने इनके कब्जे से 21 मोबाइल फोन, दो कम्प्यूटर, 2 लैपटॉप, वाईफाई राउटर और डोंगल बरामद किया है। आरोपियों की पहचान कादीपुर निवासी अजय सिंह और जहांगीरपुरी निवासी सचिन के रूप में हुई है।
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कांति सोनी नाम की महिला ने पहचान पत्र, बैंक विवरण लेने के बाद धोखाधड़ी करने के संबंध में एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत की थी। उसने बताया कि उनके पास एक महिला का फोन आया। उसने बताया कि वह प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ऋण प्रदान करते हैं और उन्हें 10 लाख रुपये का ऋण दिला सकते हैं।
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इसके एवज में उन्हें 6.50 लाख रुपये चुकाने होंगे। आरोपी ने ऋण प्रक्रिया के लिए पीड़िता से पहचान पत्र और बैंक विवरण लिया। पंजीकरण के एवज में पांच हजार रुपये बैंक खाते में जमा करने को कहा। पैसा जमा कराने के बाद जब काफी दिन तक ऋण नहीं मिला तो उसने आरोपी से रुपये वापस मांगे।
आरोपी ने उनका नंबर ब्लॉक कर दिया। पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने बताया कि सेल थाना प्रभारी अजय दलाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। पता चला कि आरोपी आदर्श नगर इलाके से ठगी को अंजाम दे रहा है। तकनीकी जांच के बाद कादीपुर से अजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर उसके साथी सचिन शर्मा को जहांगीरपुरी से पकड़ लिया।
अजय पहले कॉल सेंटर में काम कर चुका है। छह साल से जगह बदलकर फर्जी कॉल सेंटर खोलता था। इन कॉल सेंटर के जरिए वह भोले भाले लोगों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में आसानी से लोन दिलाने के नाम पर ठगता था। उससे पूछताछ हो रही है।
अजय पहले कॉल सेंटर में काम कर चुका है। छह साल से जगह बदलकर फर्जी कॉल सेंटर खोलता था। इन कॉल सेंटर के जरिए वह भोले भाले लोगों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में आसानी से लोन दिलाने के नाम पर ठगता था। उससे पूछताछ हो रही है।