नकल की बात आती है तो सबके जहन में बिहार में पिछले साल हुई नकल की तस्वीर कौंध जाती है जिसने देश ही नहीं विदेशी मीडिया में भी अपनी जगह बनाई थी। लेकिन अगर हम ये सोचें कि ऐसी नकल सिर्फ बिहार या यूपी में होती है तो गलत है। देश के अन्य राज्य भी इसमें पीछे नहीं हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें नकल माफिया के आगे कितना बेबस है हमारा तंत्र...
बोर्ड परीक्षाः सिर्फ यूपी बिहार में ही नहीं यहां भी होती है धड़ल्ले से टीचर के सामने नकल
हरियाणा बोर्ड की परीक्षाओं में नकल पर नकेल के दावों की हवा निकलती दिख रही है। जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और हरियाणा बोर्ड नकल माफिया के आगे पूरी तरह बेबस दिखाई दे रहे हैं। नकल का खुला खेल न केवल निजी स्कूलों में, बल्कि सरकारी स्कूलों में भी जारी है। पर्वतीया कॉलोनी के केडी पब्लिक स्कूल और तिगांव के सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाद अब पल्ला नंबर-तीन स्थित एसएसएम स्कूल भी नकल का अड्डा बना दिखाई दिया। मंगलवार को 10वीं की विज्ञान की परीक्षा हुई, लेकिन इस परीक्षा में भी धड़ल्ले से नकल चली। एसएसएम स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र के बाहर प्रशासन की धारा-144 का जमकर उल्लंघन हुआ। (फोटो में पर्ची बनाता छात्र)
खिड़कियों से फेंकी गई पर्चियां
पल्ला के इस निजी स्कूल में नकल पर नकेल के सारे दावे फेल नजर आ रहे थे। केंद्र के बाहर तैनात पुलिसकर्मी केवल टाइम पास कर रहा था। परीक्षा केंद्र के आसपास धारा-144 लागू है, लेकिन इसके बावजूद बाहरी तत्व स्कूल की दीवार पर चढ़कर खिड़कियों से पर्चियां क्लास के अंदर पहुंचा रहे थे। कुछ लोग तो खिड़की से ही परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र लेते दिखाई दिए। पिछले दिनों सामाजिक विज्ञान के पेपर में छात्र के ज्योमेट्री बॉक्स में मोबाइल मिलने का मामला भी एसएसएम स्कूल का ही था।
पल्ला नंबर तीन स्थित इस बोर्ड परीक्षा केंद्र पर नकल कराने के लिए कुछ लोग स्कूल बस में बैठकर नकल की पर्चियां तैयार कर रहे थे। वहीं कुछ लोग पेड़ों के नीचे बैठकर पर्चियां तैयार कर परीक्षार्थियों तक पहुंचाने की जुगत में लगे थे। लापरवाही इस कदर हावी थी कि न तो स्कूल प्रशासन की तरफ से और न ही शिक्षा विभाग, हरियाणा बोर्ड और जिला प्रशासन ने कोई एहतियात बरती।
स्टाफ ने भी लापरवाही में कसर नहीं छोड़ी
परीक्षा केंद्र के बाहर पुलिसकर्मी तमाशबीन बना हुआ था, तो केंद्र के अंदर स्टाफ ने भी लापरवाही बरतने में कसर नहीं छोड़ी। परीक्षार्थी स्टाफ की मौजूदगी में एक दूसरे की कॉपी से नकल कर रहे थे। इस दौरान विद्यार्थी अपनी सीट से आगे पीछे होकर अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा दे रहे थे। कुछ शिक्षक तो मुख्य गेट पर इस तरह तैनात थे, जैसे उड़नदस्ते को लेकर अलर्ट हों।