यमुना एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे में तीन साल की बेटी को बचाने के लिए गंभीर रुप से घायल मां ने बस से छलांग लगा दी। मां ने बेटी को तो किसी वाहन की चपेट में आने से तो बचा लिया, लेकिन खुद दम तोड़ दिया। जालौन के हतेरी निवासी संतोष सिंह पत्नी के साथ नोएडा की निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। परिवार में तीन बेटियां हैं। परिवार ने गुरुवार शाम को जालौन से नोएडा के लिए सफर शुरू किया था।
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यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा 8 की मौत
- फोटो : अमर उजाला
बड़ी बेटी अंजली ने बताया कि हादसे के दौरान मां सुमन देवी और तीन साल की छोटी बहन साक्षी को गंभीर चोट आई थीं। दुर्घटना इतनी भयानक थी की सुमन की गोद से साक्षी निकलकर बस के बाहर काफी दूर एक्सप्रेसवे पर जा गिरी। पिता संतोष सीटों को बीच फंसे थे। एक्सप्रेसवे पर लगातार वाहन दौड़ते देख गंभीर रूप से घायल सुमन ने बेटी को बचाने के लिए बस की खिड़की से नीचे छलांग लगा दी।
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यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा 8 की मौत
- फोटो : मनोज/दीपक सिंघल
उसने साक्षी को वाहनों की चपेट में आने से बचा लिया। पुलिस ने सुमन सहित तीनों बेटियों अंजली (12), रीता (6) व साक्षी को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया, लेकिन रास्ते में ही अंजलि के हाथों में सुमन ने दम तोड़ दिया। वहीं, उमावली निवासी करनसिंह पत्नी विनीता व दो साल के बेटे के साथ नौकरी की तलाश में साले के पास दिल्ली जा रहे थे।
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यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा 8 की मौत
- फोटो : मनोज/दीपक सिंघल
हादसे में विनीता घायल होने के बाद सीटों के बीच फंस गई। काफी प्रयास के बाद विनीता के पति ने उन्हें बाहर निकालकर एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही विनीता ने पति के हाथों में दम तोड़ दिया।
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एम्स में ऑपरेशन से पहले ही हादसे ने छीन लिया बेटा
मोहम्मद जहांगीर निवासी बजरिया के बेटे असद (12) का एक साल पहले खेलने के दौरान पैर टूट गया था, जिसका इलाज दिल्ली एम्स में चल रहा था। डाक्टरों ने शुक्रवार को पैर के आपरेशन की तिथि दे रखी थी। असद को लेकर जहांगीर दिल्ली जा रहे थे। हादसे में सीटों के नीचे दबने से असद की मौत हो गई।