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हनी ट्रैप मामले में चौंकाने वाला खुलासा, मास्टरमाइंड अंकित बना करोड़पति, लेकिन ऐसे हो गया कंगाल
Thu, 13 Jun 2019 10:55 AM IST
शाहरुख खान
सुशांत समदर्शी, अमर उजाला, नोएडा
सुशांत समदर्शी, अमर उजाला, नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 13 Jun 2019 10:55 AM IST
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हनीट्रैप के माध्यम से पुलिसवाले चलाते थे ठगी का गिरोह
- फोटो : अमर उजाला
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नोएडा के सेक्टर-44 चौकी प्रभारी सुनील शर्मा के साथ हनी ट्रैप का धंधा चलाने वाले फरीदाबाद निवासी मास्टरमाइंड अंकित का पुलिस के साथ पुराना नाता है। अंकित ने इस काले कारोबार से फरीदाबाद में करोड़ों रुपये की कमाई की, लेकिन आईपीएल के सट्टे की ऐसी लत लगी कि करोड़ों रुपये उसमें उड़ा दिए। यहां तक कि उसका घर भी सट्टे के कर्ज में बिक गया। वह बेघर हो गया और अपनी पत्नी के साथ नोएडा का रुख कर लिया।
आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
इसी दौरान चौकी प्रभारी सुनील शर्मा के संपर्क में आया। सुनील उस वक्त नोएडा के विश टाउन का चौकी प्रभारी था। सुनील की शह पर खर्चे चलाने के लिए अंकित ने जेपी अस्पताल के सामने नारियल पानी की दुकान खोल ली। इससे उसकी रोजमर्रा की कमाई होने लगी। कुछ दिन बाद जब सुनील की तैनाती सेक्टर-44 में हुई तो हनी ट्रैप का धंधा अंकित ने चौकी प्रभारी के साथ मिलकर शुरू कर दिया। इस दौरान लाखों रुपये की कमाई की। अंकित ही पूरे नेटवर्क के लोगों को जिम्मेदारी देता था। वहीं, इस मामले में फरार एक महिला आरोपी की तलाश पुलिस कर रही है। महिला भी इस गिरोह में सक्रिय थी और पुलिस ने उसके ठिकानों पर दबिश दी है।
आरोपी पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
एक पीड़ित से वसूले पांच लाख, मामला दर्ज
मामले में एक और पीड़ित पुलिस के पास पहुंचा है। आरोपियों ने उनसे पांच लाख रुपये लिए थे। इस मामले में भी कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस ने दूसरी एफआईआर दर्ज की है। पीड़ित पैन कार्ड आदि बनवाने का काम करता है। पीड़ित के मुताबिक, 12 अप्रैल को उनके पास एक महिला का फोन आया था। उसने अपना नाम विनीता बताया और पैन कार्ड के संबंध में बात की। अगले दिन वह उनके ऑफिस आ गई और तुरंत पैन कार्ड बनवाने को लेकर दबाव बनाया। इस दौरान विनीता नाराज हो गई और मारपीट करनी शुरू कर दी।
मामले में एक और पीड़ित पुलिस के पास पहुंचा है। आरोपियों ने उनसे पांच लाख रुपये लिए थे। इस मामले में भी कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस ने दूसरी एफआईआर दर्ज की है। पीड़ित पैन कार्ड आदि बनवाने का काम करता है। पीड़ित के मुताबिक, 12 अप्रैल को उनके पास एक महिला का फोन आया था। उसने अपना नाम विनीता बताया और पैन कार्ड के संबंध में बात की। अगले दिन वह उनके ऑफिस आ गई और तुरंत पैन कार्ड बनवाने को लेकर दबाव बनाया। इस दौरान विनीता नाराज हो गई और मारपीट करनी शुरू कर दी।
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चौकी प्रभारी सुनील शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
आरोप है कि 13 अप्रैल को सेक्टर-44 चौकी इंचार्ज सुनील शर्मा विनीता को लेकर उनके घर पहुंचा और महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया। इस पर सुनील शर्मा जेल भेजने की धमकी देने लगा। इससे बचाने के लिए 10 लाख रुपये मांगे। उन्होंने 10 लाख रुपसे देने से इंकार कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने उनसे जबरदस्ती 5 लाख रुपये चौकी के अंदर ले लिए।
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गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध
पूरे मामले में कुछ और भी पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। तीन महीने से यह रैकेट चल रहा था और आसपास के पुलिसकर्मियों को भनक नहीं लगी हो, यह बात गले नहीं उतर रही है। बताया जाता है कि पड़ोसी पुलिस चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
पूरे मामले में कुछ और भी पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। तीन महीने से यह रैकेट चल रहा था और आसपास के पुलिसकर्मियों को भनक नहीं लगी हो, यह बात गले नहीं उतर रही है। बताया जाता है कि पड़ोसी पुलिस चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।