करवाचौथ, दिवाली, गोवर्धन और भैयादूज पर यदि मिठाई खरीदना चाहते हैं तो सावधान हो जाएं, क्योंकि त्योहारी सीजन आते ही बाजार में मिलावटी खोवे से तैयार मिठाइयां बेचने वाले सक्रिय हो जाते हैं। इनके द्वारा केमिकल से दूध बनाकर और उससे खोवा बनाकर मिठाइयां तैयार की जाती हैं। उधर, त्योहारों को देखते हुए जिलाधिकारी ने तीनों तहसील के उपजिलाधिकारियों और खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है वह स्वयं निरीक्षण करें, ताकि कोई व्यक्ति मिलावटी मिठाई न बना पाए।
करवाचौथ 2018ः मिठाई खरीदने से पहले ध्यान रखें ये बातें, ऐसे करें असली और मिलावटी मिठाइयों की पहचान
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दरअसल, एक के बाद एक कई त्योहारों को लेकर लोगों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। दिवाली पर सबसे अधिक मिठाइयों का आदान-प्रदान होता है। हर साल खोवा माफिया द्वारा मिलावटी मावा तैयार करके बाजार में असली की तरह बेचा जाता है और अधिकतर लोग उसे पहचान भी नहीं पाते हैं, जबकि केमिकल और रिफाइंड ऑयल समेत कई पदार्थ मिलाकर मिठाइयों को सुगंधित बनाने का प्रयास किया जाता है। यह मिठाइयां स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं।
चूंकि खोवा माफिया ने ऐसा केमिकल ईजाद कर रखा है, जिसकी चंद बूंदों से पानी को दूध बना दिया जाता है। मिठाई की खराब गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए उसमें रंगों का प्रयोग किया जाता है। रंगबिरंगी मिठाइयों में सिंथेटिक खोवे का प्रयोग किया जाता है, जो सीधे-सीधे जहर का काम करता है।
केमिकल युक्त रंगों से आ जाती है चमक
खाद्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो हर्बल रंग महंगे होने के कारण अधिकतर दुकानदार अक्सर कम पैसे वाले केमिकल युक्त रंग डालते हैं, जिससे मिठाइयों में चमक आ जाती है। इससे लोगों को बीमारियों का सामना करना पड़ता है। कुछ दुकानदार चांदी के वर्क के स्थान पर एल्युमीनियम से बना वर्क का भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जोकि मिठाई का सेवन करने के दौरान पेट में जाता है और नुकसान पहुंचाता है।
यूरिया से भी बनाया जाता है दूध
जिले में खोवा माफिया सक्रिय हैं और वह किसी भी तरह से दूध बनाने के लिए पूरा प्रयास करते हैं। त्योहारों पर दूध की कमी पूरी करने के लिए माफिया यूरिया का इस्तेमाल करके उससे दूध बनाते हैं। कुछ साल पहले दनकौर के खेरली में यूरिया से बनाया जाने वाला दूध और उसी दूध से मावा तैयार किया जाता था, जिसे प्रशासन की टीम ने पकड़ा था और करीब 50 कुंतल दूध को नष्ट कराया गया था। गौतमबुद्धनगर के जहांगीरपुर कस्बे में मिलावटी घी बनाते हुए भी कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मिलावटी मावा भी कई जगह पकड़ा जा चुका है।