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निकिता हत्याकांड: आरोपी तौसीफ की और बढ़ेंगी मुश्किलें, खुल सकता है पुराना केस, पीड़ित परिवार ने...
Sat, 31 Oct 2020 09:41 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 31 Oct 2020 09:41 AM IST
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nikita murder case
- फोटो : अमर उजाला
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फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर की हत्या में एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं। हत्याकांड का मुख्य आरोपी तौसीफ एक ऊंचे राजनीतिक परिवार से तो संबंध रखता ही है, साथ ही पुलिस महकमे में भी उसके रिश्तेदार ऊंचे पद पर आसीन हैं। हरियाणा पुलिस के एक डीसीपी के बेटे के साथ तौसीफ की बहन की शादी हुई है।
nikita murder case
- फोटो : अमर उजाला
साल 2018 में भी जब तौसीफ ने निकिता का अपहरण किया था, उस समय भी उसकी बहन के ससुर एनआईटी जॉन में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के पद पर थे। फिलहाल उनकी तैनाती कहीं जीआरपी में बताई जाती है। मामले की जांच कर रही एसआईटी अब इस हत्याकांड के सभी पहलुओं पर गहनता से पड़ताल कर रही है।
हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज
- फोटो : अमर उजाला
निकिता का परिवार लगातार यह बात कह रहा है कि तौसीफ के राजनीतिक परिवार का होने के कारण उस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। पूर्व की तरह यह मामला भी रफा-दफा किया जा सकता है। हत्या के बाद से ही निकिता के पिता मूलचंद तोमर यह आरोप लगा रहे हैं कि आरोपी एक रसूखदार घर से है। इसलिए उन्हें संदेह है कि उनकी सुनवाई नहीं होगी।
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मृतक निकिता का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
अब एक नई जानकारी भी सामने आई है। तौसीफ की बहन की शादी हरियाणा पुलिस में अतिरिक्त आयुक्त के पद पर तैनात रहे साकिर हुसैन के बेटे के साथ हुई है। साकिर हुसैन फिलहाल जीआरपी में हैं। ऐसे में परिवार का ये कहना कि 2018 में सामाजिक दवाब में आकर फैसला किया गया था यह काफी हद तक इस बात की ओर इशारा करता है कि परिवार पर राजनीतिक व पुलिस महकमा दोनों की तरफ से ही दबाव हो स ता है। इसके अलावा एक थाना प्रभारी की भूमिका भी संदिग्ध रही है, हालांकि वह प्रभारी थाना शहर में तैनात नहीं थे।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
निकिता के परिजनों ने पुराने मामले की दोबारा जांच की लगाई अर्जी
निकिता के परिजनों ने अतिरिक्तम आयुक्त बल्लभगढ़ को पत्र लिखकर अपील की है कि उनके दो साल पहले के मामले की जांच दोबारा से की जाए। उन्होंने आरोप लगाया है कि साल 2018 में उनके ऊपर दबाव डालकर जबरन फैसले का शपथपत्र लिया गया था। शुक्रवार को एसआईटी ने इस मामले की फाइल अपने पास मंगवा ली है। अब न्यायालय से इजाजत लेकर पुराने मामले की दोबारा से जांच होगी।
निकिता के परिजनों ने अतिरिक्तम आयुक्त बल्लभगढ़ को पत्र लिखकर अपील की है कि उनके दो साल पहले के मामले की जांच दोबारा से की जाए। उन्होंने आरोप लगाया है कि साल 2018 में उनके ऊपर दबाव डालकर जबरन फैसले का शपथपत्र लिया गया था। शुक्रवार को एसआईटी ने इस मामले की फाइल अपने पास मंगवा ली है। अब न्यायालय से इजाजत लेकर पुराने मामले की दोबारा से जांच होगी।