कोरोना वायरस महामारी की वजह से विदेशों में फंसे अपने नागरिकों को भारत ने स्वदेश लाने की शुरुआत कर दी है। वंदे भारत मिशन के तहत शुक्रवार को सिंगापुर से दिल्ली लॉकडाउन में पहला एयर इंडिया का विमान पहुंचा। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस विमान से 234 यात्री आए। इस पूरे मिशन के असल योद्धा एयर इंडिया एक्सप्रेस के क्रू मेंबर हैं जो कोरोना से बिना डरे विदेशों में फंसे लोगों को वापस ला रहे हैं। इनका कहना है कि ये लोग कोरोना से नहीं डरते बल्कि इस मिशन से जुड़ना इनके लिए गर्व की बात है। पढ़ें इन योद्धाओं ने क्या कहा और देखें इनका वीडियो.....
वंदे भारत मिशन के योद्धा बोले- इसका हिस्सा बनने पर है बेहद खुशी और गर्व, कोरोना का नहीं डर
सही मायने में एयर इंडिया के क्रू मेंबर इन दिनों विदेश में फंसे भारतीयों के लिए भगवान से कम नहीं हैं। ये कोरोना वायरस महामारी के बीच दुनिया के अलग-अलग कोनों में जा रहे हैं और विदेश में रहने वाले भारतीयों की घर वापसी हो पा रही है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इन क्रू मेंबर का एक वीडियो डाला है। इसमें उन्होंने संदेश दिया है। 8 घंटे से ज्यादा पीपीई किट पहनकर रहने के बावजूद उनके हौसले में कमी नजर नहीं आई। हरदीप सिंह पुरी ने इन लोगों की तारीफ भी की।
कोरोना योद्धाओं की इस टीम में सिर्फ पुरुष ही नहीं महिलाएं भी थीं। वीडियो में क्रू मेंबर जश्न मनाते हुए जय हिंद के नारे लगा रहे हैं। वे कह रहे हैं कि इस मिशन के लिए चुने जाने पर हमें गर्व है। इन योद्धाओं का कहना था कि हमें इस मिशन के लिए चुने जाने पर बेहद खुशी और गर्व है। हमें खुशी है कि हम देश के काम आ सके।
सिंगापुर से दिल्ली पहुंचने पर सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद सभी को क्वारंटीन सुविधा में ले जाया गया, जहां वे अनिवार्य 14 दिन की अवधि पूरा करेंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, विदेश से आने वाले सभी यात्रियों के लिए जरूरी सुविधा इंतजाम कर लिए गए हैं। वहीं, श्रीनगर में अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट पर पहुंचने पर सभी की स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद सभी को क्वारंटीन में रहने को कहा गया है।
15 मई से शुरू होगा दूसरा चरण
अधिकारियों ने बताया, 15 मई से कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान, रूस, जर्मनी, स्पेन और थाइलैंड में फंसे भारतीयों को भी वापस लाया जाएगा। दूसरे चरण में एशियाई देशों के अलावा यूरोप से भी भारतीयों की वापसी होगी। 7 से 15 मई तक पहले चरण में 64 विमानों से 12 देशों से करीब 15000 यात्रियों को भारत लाया जाना है।