जामिया नगर इलाके में शुक्रवार से चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए यहां रहने वाले लोग खासे दहशत में हैं। रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शन से स्थानीय लोग इस कदर सहमे हैं कि कई ने सोमवार को अपने घर बंद कर दूसरे इलाकों का रुख कर लिया। रविवार और और सोमवार को पूरे जामिया नगर इलाके में कर्फ्यू जैसा माहौल रहा।
तनाव के बाद दूसरी जगहों पर शिफ्ट होने लगे हैं जामिया के लोग, इलाके में कर्फ्यू जैसा माहौल
अबुल फजल पार्ट-1 में रहने वाले मुस्तकीम ने बताया कि वह पिछले करीब 20 साल से यहां रह रहा है, लेकिन कभी भी ऐसे हालात नही हुए। पूरे इलाके की मार्केट बंद हैं, बच्चे भी बुरी तरह दहशत में हैं। मुस्तकीम ने बताया कि वह फिलहाल अपने परिवार को लेकर पुरानी दिल्ली स्थित ससुराल जा रहा है। हालात सामान्य होने पर ही लौटेंगे। शाहीन बाग में रहने वाले मोहम्मद आदिल ने भी फिलहाल जामिया नगर छोड़ने की बात कही। आदिल ने बताया कि रविवार शाम को कई बार अफवाह उड़ी कि पुलिस इलाके में घुसकर मारपीट करने और गिरफ्तारी के लिए आ रही है। आदिल ने बताया कि वह फिलहाल घर बंद कर मेरठ स्थित अपने गांव जा रहा है। इसी तरह कई अन्य परिवारों ने भी सोमवार को अपने-अपने घर बंद कर दूसरे इलाकों का रुख कर लिया।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट रहा बंद...
जामिया नगर इलाके में रविवार शाम को हुई हिंसा के बाद से इलाके में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद कर दिया गया है। यहां न डीटीसी बसें ही चल रही थीं और न ग्रामीण और फटफट सेवा। प्रदर्शन की वजह से मौलाना मोहम्मद अली जौहर मार्ग दिनभर लगभग बंद ही रहा। गिनती के वाहन ही प्रदर्शन के दौरान यहां से गुजरे।
शाहीन बाग थाने के बाहर भी हुआ प्रदर्शन
जामिया नगर इलाके में पुलिस कार्रवाई के विरोध में सोमवार दोपहर को लोगों ने नाला रोड पर जाम लगा दिया। लोगों की मांग थी कि सरकार नागरिकता संशोधन कानून वापस ले। साथ ही लाठीचार्ज के आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। लोगों ने कई घंटे थाने के पास प्रदर्शन किया।
सीलमपुर में भी विरोध प्रदर्शन
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जामिया नगर के बाद सोमवार दोपहर को सीलमपुर इलाके में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। जामिया की घटना की निंदा करते हुए लोग जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास जमा हुए। बाद में इन लोगों ने सीलमपुर रोड नंबर-66 पर पैदल मार्च निकालकर विरोध जताया। कई घंटे विरोध करने के बाद लोगों ने मार्च समाप्त किया।