उत्तराखंड में वर्ष 2022 में हुए ये छह दर्दनाक हादसे देशभर के लोगों की जुबां पर रहे। इन हादसों में सैकड़ों लोगों की जान चली गई। केदारनाथ में हेलीकॉप्टर क्रैश की घटना हो गया पौड़ी में बरात की बस खाई में गिरना। हालात देख हर किसी की आंखें नम थीं।
Year Ender: 2022 में इन 6 हादसों से दहला उत्तराखंड, चली गई सैकड़ों लोगों की जान, सुर्खियों में रहा केदारनाथ
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हेलीकॉप्टर हादसे में पायलट समेत सात यात्रियों की मौत
18 अक्तूबर को केदारनाथ से छह यात्रियों को लेकर गुप्तकाशी जा रहा आर्यन हेली कंपनी का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था। इस हादसे में पायलट सहित सात लोगों की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई थी। मृतकों में चार महिलाएं थीं। मृतक गुजरात और तमिलनाडु के रहने वाले थे। घटना का कारण खराब मौसम और अचानक घाटी में कोहरा छाना बताया गया था। वहीं, केदारनाथ में हिमस्खलन की घटना की चर्चा में रही। हालांकि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई।
बरात बस हादसे में 34 की मौतों ने झकझोरा
चार अक्तूबर लालढांग के कटेवड़ गांव से पौड़ी के कांडा तल्ला गई बरात की बस लैंसडौन के सिमड़ी गांव के पास करीब साढ़े तीन सौ मीटर गहरी खाई में गिर गई थी। कोटद्वार, नजीबाबाद, लालढांग, श्यामपुर, रसूलपुर सहित कई गांवों के 34 लोगों की मौत हुई थीं। दूल्हे के परिवार में भाई, जीजा, बहन की मौत हुई थीं। इस हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। शादी के खुशियों वाले घर से लेकर पूरे गांव में मातम पसर गया था। देशभर में इस हादसे की गूंज पहुंची थीं।
सितंबर में शराब कांड में 13 की गई थीं जान
सितंबर माह की शुरुआत होते ही जिला पंचायत चुनाव में पथरी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत शिवनगर के शिवगढ़, फूलगढ़, दुर्गागढ़ में जहरीली शराब पीने से 13 ग्रामीणों की मौतें हुई थीं। इस मामले की गूंज प्रदेश ही नहीं देश के कई हिस्सों तक पहुंची थीं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और डीजीपी अशोक कुमार ने इसे गंभीरता से लिया था। पथरी थाना प्रभारी के पद से रविंद्र सिंह सहित कई पुलिसकर्मी और आबकारी अधिकारियों पर गाज गिरी थीं। इस मामले में ग्राम प्रधान पद की उम्मीदवारा रही बबली और उसके पति बिजेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
मालदेवता और टिहरी जिले बादल फटने से 13 लोगों की मौत
19 अगस्त की रात देहरादून और टिहरी जिले में अतिवृष्टि से भारी तबाही मची थी। इस दौरान 13 लोगों की जान चली गई थी। इसमें मालदेवता, सरखेत, तिमली, मानसिंहवाला, भैंसवाड़ा, सेरकी, छमरोली आदि स्थानों पर सैलाब ने सब तबाह कर दिया था। आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए एसडीआरएफ, पुलिस, जिला प्रशासन की टीम के साथ सेना के जवान भी जुटे रहे।