साल 2018 में उत्तराखंड को दहला देने वाला हल्द्वानी का पूनम हत्याकांड पहेली बन गया।इस हत्याकांड के खुलासा करने के पुलिस के दावे भी अब तक हवा हवाई हैं।
दरअसल 27 अगस्त 2018 की रात लूटपाट के दौरान बदमाशों ने पूनम पांडेय की धारदार हथियाराें से हत्या कर दी थी, इस हमले में उनकी बेटी अर्शी भी गंभीर रुप से घायल हो गई थी।
हत्याकांड के अगले दिन ही पुलिस ने जल्द खुलासे का दावा तो ठोंक दिया था, लेकिन समय के साथ उसकी पोल खुलती चल गई। एसटीएफ और एसआईटी दर्जनों भर लोगों से पूछताछ करने के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
शक के दायरे में मृतका पूनम पांडेय के करीबी भी शामिल थे। पुलिस को जिन लोगों पर शक है, उनकी संख्या पांच से छह बताई जा रही थी। पुलिस को कातिलों से संबंधित कोई सबूत नहीं मिला।
छानबीन में पुलिस ने करीब एक लाख 20 हजार मोबाइल नंबरों की छानबीन का दावा किया। करीब 52 संदिग्ध नंबर सर्विलांस पर लगाए गए। खुलासे के लिए पुलिस की 18 टीमें लगाई गईं। 72 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। पुलिस ने करीब 70 युवक और युवतियों से पूछताछ की। लेकिन फिर भी इस मामले में पुलिस के हाथ खाली रहे।