ऐसा माना जाता है कि इस दिन दुनिया का अंत हो जाएगा। अमर उजाला अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं दे रहा लेकिन अगर इन तथ्यों को मानें तो यह बात सच साबित हो सकती है।
उत्तराखंड में ऐसे अनेक प्राचीन मंदिर तथा दर्शनीय स्थान हैं जिनके साथ अध्यात्म और महत्वपूर्ण घटनाओं के अध्याय जुड़े हैं। कुमाऊं मंडल के गंगोलीहाट में स्थित एक प्राचीन गुफा के बारे में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि इस गुफा में प्रलय का रहस्य छिपा है।
गुफा का नाम पाताल भुवनेश्वरी है। यहां तेतीस करोड़ देवी-देवताओं की मूर्तिया प्रतिष्ठित हैं। गुफ़ा में मौजूद मंदिर भगवान शिव का है। कहा जाता है कि ब्रह्मा स्वर्ग के दूसरे देवताओं के साथ यहां शिव अराधना के लिए आते हैं। मंदिर के अंदर संकरे पानी की धारा से होते हुए गुफ़ा में जाना होता है।
गुफा अपने आप में कई रहस्यमयी तत्थों को समेटे हुए है। यहां का सबसे रोचक रहस्य संसार में प्रलय की घटना से जुड़ा है। गुफा में चार खंभे लगे हुए हैं। ये सतयुग, त्रेता, द्वापर और कलियुग के प्रतीक हैं।
प्रथम तीन युगों को दर्शाने वाले खंभों का आकार समान है लेकिन कलियुग का खंभा सबसे लंबा है। इस खंभे के ऊपर एक पिंड भी नीचे लटक रहा है। मान्यता है कि यह पिंड प्रत्येक 7 करोड़ वर्षों में 1 इंच बढ़ता है।