{"_id":"614ff18f8ebc3e09db146bf4","slug":"world-rivers-day-2021-uttarakhand-rivers-carrying-millions-tons-of-garbage-crisis-on-existence-of","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"विश्व नदी दिवस आज: लाखों टन कचरा ढोती उत्तराखंड की नदियों के अस्तित्व पर संकट, तस्वीरों में देखें ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्व नदी दिवस आज: लाखों टन कचरा ढोती उत्तराखंड की नदियों के अस्तित्व पर संकट, तस्वीरों में देखें
विनोद मुसान , अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 26 Sep 2021 09:45 AM IST
सार
उत्तराखंड में सरकारी मशीनरी को भी नदियों के संरक्षण के प्रति जितनी गंभीरता से कार्य करना चाहिए, उतनी गंभीरता नहीं दिखाई देती है।
विज्ञापन
1 of 5
गंदगी से पटी हैं देहरादून की नदियां
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
हमारी-आपकी जेब और घरों से निकला छोटा-बड़ा कूड़ा नदियों की कोख में जमा हो रहा है। वर्षभर हम जो कूड़ा-करकट, पर्यावरण के लिए घातक प्लास्टिक इधर-उधर फेंकते हैं, वह छोटे-छोटे गाड़-गदेरों, बरसाती नालों और छोटी नदियों से होते हुए बड़ी नदियों में समा जाता है।
सेनेटरी पैड्स सहित प्लास्टिक की खाली बोतलें और यहां तक कि मृत पशुओं के अवशेष भी नदियों में बहाए जा रहे हैं। देशभर में जागरूकता के अभाव में पढ़े-लिखे लोग भी नदियों के प्रति संवेदनशील नहीं हैं।
राज्य में सरकारी मशीनरी को भी नदियों के संरक्षण के प्रति जितनी गंभीरता से कार्य करना चाहिए, उतनी गंभीरता नहीं दिखाई देती है। इसका ज्वलंत उदाहरण है कि राज्य में चल रही बड़ी सड़क परियोजनाओं में सड़क निर्माण के दौरान पहाड़ों के कटान से निकला मलबा चिन्हित डंपिंग जोन में न डालकर सीधे नदियों में ही डाला जा रहा है। यही गाद के रूप में नदी तल में जमा होकर बाढ़ और आपदाओं को जन्म देता है। इससे जलीय जीवों के जीवन के साथ ही नदियों के अस्तित्व को भी खतरा पैदा हो रहा है।
2 of 5
गंदगी से पटी हैं देहरादून की नदियां
- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड सरकार ने बीते वर्ष राज्य में 13 नदियों के पुनर्जीवन की घोषणा की थी। इनमें कुछ नदियों के संरक्षण की दिशा में प्रयास भी शुरू किए गए हैं। देहरादून की ऋषिपर्णा (रिस्पना) और बिंदाल नदी इनमें प्रमुख हैं।
3 of 5
गंदगी से पटी हैं देहरादून की नदियां
- फोटो : अमर उजाला
राज्य में प्रवाहित होने वाली नदियों की बात करें, जिनका उद्गम राज्य का हिमालयी क्षेत्र है तो कुल डेढ़ दर्जन प्रमुख नदियां यहां से निकली हैं। इनकी कुल लंबाई 2358 किमी है। लेकिन यह नदियां भी लगातार सिकुड़ती जा रही हैं। जबकि एक दर्जन से अधिक सहयोगी नदियां विभिन्न कारणों से अपना अस्तित्व खो चुकी हैं या लुप्तप्राय: होने की कगार पर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
गंदगी से पटी हैं देहरादून की नदियां
- फोटो : अमर उजाला
नदियों के विलुप्त होने का कारण प्राकृतिक नहीं, बल्कि मानवीय छेड़छाड़ है। हम जितना नदियों से दूर रहेंगे, नदियां उतनी ही निर्मल और अविरल होंगी। ऋग्वेद में जिन 21 नदियों का उल्लेख है, वे सभी भारत की पुरातन संस्कृति का हिस्सा हैं। हालांकि केंद्र सरकार सहित कई सामाजिक संगठन नदियों के संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहे हैं, लेकिन हमें नदियों के संरक्षण संवर्धन की दिशा में और अधिक गंभीरता से कार्य करने के प्रयास करने होंगे।
-डॉ. धर्मवीर शर्मा, नदी विशेषज्ञ व पूर्व निदेशक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण भारत सरकार)
विज्ञापन
5 of 5
गंदगी से पटी हैं देहरादून की नदियां
- फोटो : अमर उजाला
हमारी नदियां केवल नदी मात्र नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत की संवाहिकाएं हैं। लेकिन नदियों के लगातार दोहन से इनकी निर्मलता और अविरलता प्रभावित हो रही है। नदी तट पर विकसित हुई आधुनिक मानव सभ्यता हमारी नदियों के पर्यावरण को प्रभावित कर रही है। जो वर्तमान ही नहीं आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अच्छा नहीं है। भारत सरकार की नई शिक्षा नीति में नदी सभ्यता को शामिल किया गया है। उम्मीद है आने वाली पीढ़ियां इससे नदियों के संरक्षण की दिशा में काम करने को बल मिलेगा।
- विनोद जुगलान, पर्यावरणविद, प्रांत पर्यावरण प्रमुख शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।