उत्तराखंड के कुमाऊं के तीन जुनूनी युवा राइडरों ने मोटरसाइकिल से हिमाचल प्रदेश के कई दर्रों को पार कर दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में शुमार किलाड़ से इश्तियारी तक सुरक्षित सफर कर एडवेंचर एंड थ्रिल में नया इतिहास रचा है।
2 of 9
adventure and thrill trip
- फोटो : Amarnath/AmarUjala
चिनाब नदी के किनारे 25 किमी का यह रूट चंबा जिला में पड़ता है। बुलेट से 12 दिनों में करीब 5400 किमी साहसिक और रोमांच भरा सफर करने वाले इन युवा रोडोग्राफरों का दावा है कि उत्तराखंड का यह पहला दल है, जिसने इस बेहद खतरनाक रास्ते को पार किया है।
3 of 9
road trip
- फोटो : AmarUjala
इस साहसिक सफर में हल्द्वानी के मनीष चौधरी (30 वर्ष) और गोविंद राय (33 वर्ष) के साथ काशीपुर के अंशुमान चतुर्वेदी (35 वर्ष) शामिल रहे। यह दल विगत 26 सितंबर को हल्द्वानी से वाया देहरादून, चंडीगढ़ होते हुए कई निर्जन और दुरुह रास्तों से गुजर कर यह दल पांगी घाटी स्थित साच (पास) दर्रा पहुंचा।
4 of 9
road trip
- फोटो : Amarnath/AmarUjala
इस पास को बिग डैडी ऑफ ऑल माउंटेन पासेस कहा जाता है। उसके बाद किलाड़ से इश्तियारी रूट पर सफर किया, जो दुनिया का सबसे खतरनाक रूट माना जाता है। यहां तक कि आसपास के लोग भी इस खतरनाक रास्ते पर चलने से डरते हैं।
5 of 9
road trip
- फोटो : AmarUjala
यह दल रोहतांग दर्रा के बेस से होते हुए चंद्रताल बेस कैंप में रुका और अगले दिन कुंजुम दर्रा होते हुए खूबसूरत स्पीति घाटी के काजा पहुंचा और फिर यहां से किन्नौर जिले के कल्पा के रोगही गांव (तिब्बत बार्डर) तक गया और आठ अक्तूबर को सुरक्षित हल्द्वानी लौट आया।